भारत, अमेरिका और खाड़ी देशों के 200 से अधिक हिंदू तीर्थयात्रियों ने शनिवार को उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान (Pakistan) में 100 साल पुराने महाराजा परमहंस जी मंदिर में दर्शन किए. इस दौरान सुरक्षा के लिए 600 कर्मियों की तैनाती की गई थी. खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले के टेरी गांव में परमहंस जी के मंदिर और ‘समाधि’ का पिछले साल जीर्णोद्धार किया गया था. 2020 में भीड़ ने वहां तोड़फोड़ की थी जिसकी विश्व स्तर पर निंदा की गई थी.

हिंदुओं के समूह में भारत के लगभग 200 श्रद्धालु थे, जबकि दुबई से 15, बाकी अमेरिका और अन्य खाड़ी देशों से थे. अधिकारियों ने कहा कि भारतीय यात्रियों ने लाहौर के पास वाघा सीमा पार किया और सशस्त्र कर्मियों ने उन्हें मंदिर तक पहुंचाया. इस कार्यक्रम का आयोजन पाकिस्तानी हिंदू काउंसिल द्वारा पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के सहयोग से किया गया. टेरी गांव में महाराजा परमहंस का 1919 में निधन हो गया था.

हिंदू काउंसिल के अधिकारियों ने कहा कि अनुष्ठान रविवार की दोपहर तक रात भर चलेगा. तीर्थयात्रियों के लिए ‘हुजरा’ या ओपन एयर रिसेप्शन रूम को आश्रयों में बदल दिया गया था. मंदिर के पास के बाजार पर्यटकों से गुलजार देखे गए और हिंदू दल के बच्चों को स्थानीय बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते हुए देखा गया.

जानकारी दी गई है कि भारतीय श्रद्धालुओं ने वाघा बॉर्डर पार किया और इसके बाद उन्‍हें सशस्‍त्र जवानों ने एस्‍कॉर्ट करके मंदिर तक पहुंचाया. अंत्येष्टि स्मारक और टेरी गांव को बड़े पैमाने पर पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में रेंजर्स, इंटेलिजेंस और एयरपोर्ट सुरक्षा बल के 600 जवानों के साथ तैनात किया गया था.

हिंदू समुदाय के कानूनी मामलों के प्रभारी रोहित कुमार ने मंदिर को लेकर व्यवस्थाओं और मरम्मत कार्यों के लिए पाकिस्तान सरकार की सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत के यात्रियों द्वारा मंदिर में आज की प्रार्थना भारत के लिए क्षेत्र में शांति और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए एक सकारात्मक संदेश है.