पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक (PMC Bank) पर लगाई पाबंदियों और निर्देशों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 3 महीने और बढ़ा दिया है. अब यह प्रतिबंध 31 मार्च 2022 तक लगे रहेंगे. पहले यह बंदिशें 1 जनवरी 2022 तक के लिए लगाई गई थीं.

इससे पहले RBI ने 22 नवबंर 2021 को एक ड्राफ्ट समाधान रखा था, जिसके तहत यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक को PMC बैंक का अधिग्रहण करना था. RBI ने इस मसौदे पर दोनों बैंकों के सदस्यों, डिपॉजिटर्स और अन्य लेनदारों से सुझाव और आपत्तियां मंगाई थी, जिसे जमा करने की आखिरी तारीख 10 दिसंबर 2021 थी.

सितंबर 2019 में बैंक का बोर्ड भंग हुआ

योजना की मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. RBI ने कहा, “इसलिए, उपरोक्त निर्देशों और पांबदियों की अवधि का विस्तार करना आवश्यक बन जाता है. इसलिए इसे 31 मार्च 2022 तक बढ़ाया जाता है. बता दें कि PMC बैंक में बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का पता चलने के बाद RBI ने सितंबर 2019 में बैंक का बोर्ड भंग कर इसे अपने हाथ में ले लिया था.

यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (USFB) के साथ बैंक को मिलाने का प्रस्ताव

RBI ने PMC बैंक को यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (USFB) के साथ मिलाने का जो ड्राफ्ट स्कीम पेश किया था, उसके तहत PMC Bank की एसेट्स और लायबिलिटीज USFB के ऊपर आ जाएंगी. इसमें PMC Bank के ग्राहकों का पैसा लौटाना भी शामिल है. USFB के साथ विलय की डील में इन शर्तों को शामिल किया गया है ताकि ग्राहकों की रकम सुरक्षित रह सके.

ग्राहकों पर क्या होगा असर

PMC Bank में जिन ग्राहकों का पैसा फंसा है उन्हें अगले तीन से 10 साल के भीतर पूरा पैसा वापस मिल जाएगा. RBI के ड्राफ्ट स्कीम के मुताबिक, USFB 5 लाख रुपए की गारंटीड रकम डिपॉजिटर्स को देगी. बाकी बचे रकम की बात करें तो बैंक अब तक जो पैसा दे चुका है उसके बाद अगले दो साल में 50,000 रुपए और देगी. तीन साल के अंत में और 1 लाख रुपए का भुगतान करेगी. 4 साल के अंत में 3 लाख रुपए और 5 साल के अंत में 5.5 लाख रुपए देगी. वहीं 10 साल के अंत में बाकी बची पूरी रकम PMC Bank के ग्राहकों को दे देगी.