दिल्‍ली में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इस वक्‍त राजधानी में नए वेरिएंट के कुल मामले 79 हैं. हालांकि इनमें से 23 मरीज डिस्‍जार्च हो चुके हैं. राजधानी में ओमिक्रॉन के मरीजों को एलएनजेपी अस्‍पताल और मैक्‍स अस्‍पताल में इलाज चल रहा है. वहीं, क्रिसमस और नये साल को देखते हुए ओमिक्रॉन के साथ कोरोना के मामले बढ़ने का डर है.

देश में अभी तक कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के कुल 415 मामले सामने आ चुके हैं. इसमें से 115 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या फिर देश छोड़कर चले गए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, आज सुबह आठ बजे तक ओमिक्रॉन के सबसे अधिक 108 मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं. इसके बाद दिल्ली में 79, गुजरात में 43, तेलंगाना में 38, केरल में 37, तमिलनाडु में 34 और कर्नाटक में 31 मामले सामने आए हैं. यही नहीं, ओमिक्रॉन दिल्‍ली समेत देश के 17 राज्‍यों में फैल चुका है.

दिल्‍ली में कोरोना का कहर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में शुक्रवार को कोविड-19 के 180 नये मामले सामने आए, जो 16 जून के बाद से एक दिन की सर्वाधिक संख्या है. हालांकि महामारी से किसी और मरीज की मौत नहीं हुई है. उल्लेखनीय है कि 16 जून को शहर में कोरोना वायरस से संक्रमण के 212 मामले सामने आए थे. दिल्ली में कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने के बीच पिछले कुछ दिनों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है. विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को 180 नये मामले सामने आए. वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में दिसंबर में अब तक कोविड से पांच लोगों की मौत हुई है. दिल्ली में संक्रमण के अब तक कुल 14,42,813 मामले सामने आए हैं, जिनमें 14.16 लाख मरीज संक्रमण से उबर गये हैं. वहीं, महामारी से कुल 25,103 लोगों की मौत हुई है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने लोगों से की ये अपील

दिल्ली हाईकोर्ट  ने लोगों से अपील की कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए संयम बरतें और भीड़-भाड़ से बचें. हाईकोर्ट ने क्रिसमस और नये साल के मौके पर धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति देने के दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के फैसले को संज्ञान में लिया.राष्ट्रीय राजधानी में क्रिसमस से पहले धार्मिक आयोजनों पर ‘आकस्मिक’ रोक को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति विपिन सांघी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि डीडीएमए द्वारा 23 दिसंबर को जारी स्पष्टीकरण से साफ है कि प्रार्थनाओं और आयोजनों के लिए धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति इस आधार पर दी गयी है कि सहभागी कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करेंगे.

कोर्ट ने कहा, ‘स्पष्ट है कि मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरद्वारे आदि श्रद्धालुओं के लिए प्रार्थना, पूजा, उत्सव के लिए खुले हैं, बशर्ते समय-समय पर ऐसे स्थानों के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का कड़ाई से पालन करना होगा और मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाकर रखने, नियमित हाथ धोने तथा सैनेटाइजरों का उपयोग करने आदि कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करना होगा.’