दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा में एक बार फिर से जहर घुलने लगा है. धुंध और खराब प्रदूषण मिलकर आम जन को परेशान कर रहे हैं. लोग अपने रूटीन शेड्यूल को पूरा करने में परेशानी का सामना कर रहे हैं क्योंकि विजिबिलटी कम हो गई है. साथ ही सेहत को भी नुकसान पहुंच रहा है. वायु की गुणवत्ता एक बार फिर से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है. बता दें कि दिल्ली-NCR के सबसे प्रदूषित शहर की लिस्ट में नोएडा सबसे ऊपर है. नोएडा का AQI 425 दर्ज किया गया है. वहीं दिल्ली का AQI 410 दर्ज किया गया. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा का AQI 408 और गाज़ियाबाद का AQI 400 दर्ज किया गया है.

लगातार खराब हो रही हवा

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा की वायु गुणवत्ता बीते दिनों से लगातार खराब हो रही है. गुरुवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स रेड जोन यानी बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया. ठंड और धुंध की दोहरी मार से लोगों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. जानकारों की मानें तो हवा की रफ्तार रुकने से प्रदूषण का ग्राफ एक बार फिर से बढ़ने लगा है. बीते तीन दिनों से हवा की गति रुकने से प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया है. महीने भर पहले भी प्रदूषण स्तर खराब श्रेणी में था लेकिन हवा की गति सुधरने से वायु की गुणवत्ता में में काफी सुधार आया था लेकिन एक बार फिर से हवा की गति कम हो गई है.

नोएडा में एयर क्वालिटी मापने के लिए 4 स्टेशन बनाए गए हैं. नोएडा के सेक्टर 62 में वायु गुणवत्ता 450 दर्ज किया गया. सेक्टर 125 में वायु गुणवत्ता 387 दर्ज, सेक्टर 1 में AQI 420 दर्ज किया तो वहीं सेक्टर 116 का एयर क्वालिटी इंडेक्स 446 दर्ज किया गया है. वहीं ग्रेटर नोएडा का AQI 408 दर्ज किया गया है.