केंद्र नए साल के मौके पर सरकारी कर्मचारियों को शानदार तोहफा दे सकता है. दरअसल, सरकार 7वें वेतन आयोग  के तहत कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता में एक बार फिर 3 फीसदी इजाफा  कर सकती है. इस बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 20,000 रुपये तक का इजाफा हो सकता है. हालांकि, कर्मचारी 18 महीने के अटके हुए डीए एरियर  का भी इंतजार कर रहे हैं.

अक्टूबर में 3 फीसदी और जुलाई में 11 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद डीए की दर 31 फीसदी हो गई है. डीए सरकारी कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी का अहम हिस्सा होता है. जनवरी व जुलाई 2020 और जनवरी 2021 में डीए को अस्‍थायी तौर पर रोकने के बाद सरकार ने जुलाई 2021 में पहली बार डीए बढ़ाया था. महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को जीवनस्तर बनाए रखने और महंगाई से निपटने में मदद करता है. अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति को एडजस्ट करने के लिए साल में दो बार महंगाई भत्ता बढ़ाया जाता है.

फिटमेंट फैक्टर को बढ़ा सकती है मोदी सरकार

महंगाई दर के हाल के सालों में अधिक रहने, कंज्‍यूमर प्रोडक्ट्स की बढ़ती कीमतों के बीच कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उसी के अनुसार डीए बढ़ाएगी. डीए में बढ़ोतरी के अलावा केंद्र सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने पर भी विचार कर रही है. फिटमेंट फैक्टर केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन तय करता है. फिटमेंट फैक्टर को आखिरी बार 2016 में बढ़ाया गया था, जिसमें कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन 6,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये किया गया था. फिटमेंट फैक्टर में संभावित बढ़ोतरी से बेसिक वेतन 26,000 रुपये हो सकता है.

सरकारी कर्मियों को क्‍यों दिया जाता है महंगाई भत्ता?

महंगाई भत्ता कर्मचारी के बेसिक सैलरी का एक निश्चित हिस्सा होता है. देश में महंगाई के असर को कम करने के लिए सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है. इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता है. पेंशनर्स को महंगाई राहत के तौर पर यह लाभ मिलता है.