सौरव गांगुली ने आखिरकार विराट कोहली की विस्फोटक प्रेस कॉन्फ्रेंस का जवाब दे दिया है. विराट कोहली ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वनडे कप्तान के रूप में बर्खास्त होने की बात की और बीसीसीआई (BCCI) अध्यक्ष की टिप्पणियों का खंडन किया. कोहली को इस महीने की शुरुआत में वनडे कप्तान के रूप में बर्खास्त कर दिया गया था और उसके अगले दिन गांगुली ने दावा किया कि बीसीसीआई ने कोहली को सितंबर में टी20 इंटरनेशनल कप्तानी नहीं छोड़ने के लिए कहा था. इस वजह से चयनकर्ताओं को उन्हें 50 ओवरों की कप्तानी से हटाना पड़ा, क्योंकि वे सफेद गेंद के प्रारूप के लिए एक कप्तान चाहते थे. हालांकि, कोहली ने दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज के लिए रवाना होने से पहले बुधवार को अपनी विस्फोटक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गांगुली के बयान का खंडन किया था.

प्रेस कॉन्फ्रेंस ने बीसीसीआई को सवालों के घेरे में ला दिया है, क्योंकि विराट कोहली की बर्खास्तगी को खराब तरीके से संभालने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और अध्यक्ष को दोषी ठहराया जा रहा है. सौरव गांगुली ने इस पूरे मामले पर अभी कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

दरअसल, दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए रवाना होने से एक दिन पहले विराट कोहली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ”जो कुछ भी संवाद के बारे में कहा गया था, जो निर्णय के बारे में कहा गया, वह गलत था. टेस्ट सीरीज के लिए 8 दिसंबर को चयन बैठक से डेढ़ घंटे पहले मुझसे संपर्क किया गया था. इससे पहले मेरे साथ किसी का कोई संवाद नहीं था. मैंने जब अपनी टी20 कप्तानी छोड़ने का फैसला सुनाया था, उसके बाद कोई बात नहीं हुई थी.” उन्होंने आगे कहा, ”जब मैंने टी20 कप्तानी छोड़ी, तो मैंने सबसे पहले बीसीसीआई से संपर्क किया और उन्हें अपने फैसले से अवगत कराया. उनके सामने अपनी बात रखी. मैंने कारण बताया कि मैं टी20 कप्तानी क्यों छोड़ना चाहता था और मेरे इस फैसले को उन्होंने अच्छी तरह से लिया था. कोई झिझक नहीं थी और एक बार के लिए मुझसे नहीं कहा गया था कि ‘तुम्हें टी20 कप्तानी नहीं छोड़नी चाहिए.”