जम्मू और कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी. सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच ये मुठभेड़ बीती रात कुलगाम जिले के रेडवानी इलाके में शुरू हुई थी. हालांकि दो आतंकियों के मारे जाने के बाद भी ऑपरेशन जारी है. कुलगाम में दो आतंकियों के मारे जाने का ये मामला उस समय आया है, जब एक दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने हिज्बुल मुजाहिद्दीन के 1 आतंकी को पुलवामा में मार गिराया था. हिज्बुल का ये आतंकी A कैटेगिरी का था, जिसकी पहचान फिरोज अहमद डार के रूप की गई. जानकारी के मुताबिक फिरोज अहमद डार कई सारी आतंकी घटनाओं में संलिप्त था, जिसमें 2018 में शोपियां जैनपोरा में हुआ हमला भी शामिल है. इस हमले में जम्मू-कश्मीर के चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.

जम्मू कश्मीर पुलिस के एक प्रवक्ता के मुताबिक, पुलवामा के उजरमपाथरी गांव में एक आतंकवादी की मौजूदगी के संबंध में एक गोपनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने 14 दिसंबर और 15 दिसंबर की दरम्यानी रात में इलाके की घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया. पुलिस प्रवक्ता ने एक बयान कहा, ‘तलाशी अभियान के दौरान, जैसे ही आतंकवादी की मौजूदगी का पता चला, उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया. उसने संयुक्त तलाशी दल पर अंधाधुंध गोलीबारी की. सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की.’

इसमें कहा गया है कि मुठभेड़ में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का एक सदस्य मारा गया, जिसकी पहचान शोपियां के हेफ-श्रीमल निवासी फिरोज अहमद डार के रूप में हुई है. बयान में कहा गया है, ‘पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मारे गए आतंकवादी को ‘ए+’ श्रेणी में रखा गया था और वह सुरक्षा बलों पर हमले और आम नागरिकों पर अत्याचार सहित कई आतंकवादी अपराध मामलों में शामिल समूहों का हिस्सा था.’ इसमें कहा गया है कि डार 2017 से सक्रिय था.

मारा गया आतंकवादी फरवरी, 2019 में एक लड़की इशरत मुनीर की हत्या में भी शामिल था. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि डार एक गैर-स्थानीय मजदूर, पंजाब के फाजिला निवासी चरणजीत की हत्या में शामिल था. उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादी के कब्जे से एक एके राइफल और तीन मैगजीन सहित आपत्तिजनक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया.