देश की राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए एयर क्वालिटी कमिशन ने कड़ा रुख दिखाया है. जानकारी के मुताबिक, दिल्ली- एनसीआर में 12 दिसंबर तक ग्रीन फ्यूल और गैस से नहीं चलने वाली सभी फैक्ट्रियां बंद  रहेंगी. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमिशन ने यह सख्त आदेश लिया है. कहा जा रहा है कि एयर कमिशन फ्लाइंग स्क्वाड आर्डर के कंप्लायंस को धरातल पर चेक करेगा. दरअसल, दिल्ली-एनसीआर की हवा में घुलते जहर को देखते हुए यह सख्त निर्णय लिया गया है. खास बात यह है कि नोएडा की संदीप पेपर मील भी बंद होगी. पेपर मिल कोयले से संचालित होती है. ऐसे में उद्योगों पर एक बार फिर मार पड़ेगी.

वहीं, दोपहर में खबर सामने आई थी कि हिमाचल प्रदेश सहित पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बाद भी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर जस का तस बना हुआ है. दिल्ली में मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 314 हुआ है. वहीं, दिल्ली से सटे नोएड़ा में एक्यूआई 317 और गुरुग्राम में 325 हो गया है. सफर इंडिया के मुताबिक, तीनों ही शहरों में एक्यूआई का स्तर ‘काफी खराब’ है.

पारा लुढ़कने से प्रदूषण को बढ़ने में मदद मिलेगी

वायु मानक संस्था सफर का पूर्वानुमान है कि मौसमी दशाओं में परिवर्तन की वजह से अगले दो दिनों तक वाय गुणवत्ता में सुधार की संभावना बनी हुई है. हालांकि, गुरुवार को हवा के फिर से बिगड़ने की संभावना है. सफर के मुताबिक, हवा की रफ्तार कम होने की वजह से वायु गुणवत्ता बिगड़ी है. पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक हवा की रफ्तार मध्यम रहेगी. इस वजह से प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हो सकता है. हालांकि, नौ दिसंबर तक हवा की रफ्तार कम हो जाएगी और साथ ही पारा लुढ़कने से प्रदूषण को बढ़ने में मदद मिलेगी.