राजधानी में मंगलवार से धारा 144 लागू कर दी गई है. जानकारी के अनुसार क्रिसमस, नए साल का जश्न, प्रवेश परीक्षाओं और त्यौहारों को देखते हुए प्रशासन ने ये फैसला लिया है. जानकारी के अनुसार धारा 144 लखनऊ में 30 दिनों के लिए लगाई गई है, जो 7 दिसंबर से शुरू होकर 5 जनवरी 2022 तक लागू रहेगी. प्रशासन ने यह फैसला किसान संगठनों व अन्य संभावित धरना प्रदर्शनों के चलते लिया है.

आदेशानुसार विधानसभा के आसपास धरना प्रदर्शन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. वहीं विधानसभा के आस पास ट्रैक्टर ट्राली, घोड़ागाड़ी, बैलगाड़ी, ज्वलनशील पदार्थ, सिलेंडर और हथियार आदि लेकर आवागमन पर भी प्रतिबंध रहेगा.

प्रशासन के अनुसार विधानसभा के आसपास धरना प्रदर्शन या वाहन के साथ प्रदर्शन को धारा 144 का उल्लंघन माना जाएगा. कंटेनमेंट जोन को छोड़कर धर्म स्थलों पर 50 से ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकेंगे. बंद स्‍थानों पर एक समय में 100 से ज्‍यादा लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक रहेगी.

धारा 144 के दौरान जरूरी सेवाओं में छूट रहेगी. चिकित्सा सेवाएं नियमित रूप से जारी रहेगी. इसके अलावा किसी तरह की ​इमरजेंसी होने पर पूर्व परमिशन पर आवाजाही में छूट मिलेगी. साथ ही इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के भी कड़े इंतेजाम किए गए हैं ताकि किसी तरह की समस्या उत्पन्न ना हो. एक समय में ​निश्चित संख्या से ज्यादा लोग मौजूद होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने इस दौरान आमजन से सहयोग की अपील की है.

शहर में धारा 144 के दौरान तीस दिन तक किसी भी प्रकार के सामुहिक आयोजन पर प्रतिबंद होगा. इन दिनों में शहर में किसी भी प्रकार का जुलूस नहीं निकलेगा और ना ही शाम पांच बजे के बाद एक जगह पर ज्यादा लोग एकत्रित हो सकेंगे. इसके अलावा रात्रि दस से सुबह छह बजे तक किसी तरह की तेज आवाज पर भी पाबंदी रहेगी.

यूं धारा के अचानक लागू होने के कारण शहर में क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए जो पूर्व कार्यक्रम सुनिश्चित थे, उन्हें लेकर लोग परेशान हो गए हैं. होटल्स और अन्य समारोह की बुकिंग भी हो चुकी है. होटल व अन्य व्यवसायी इससे परेशान नजर आ रहे हैं.