आज भी निवेश की बात करें तो ज्यादातर लोग फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी की सलाह देते हैं. निवेश करने के लिहाज से एफडी (FD) बेहतर विकल्प माना जाता है, जिसमें गारंटी के साथ रिटर्न मिलता है. इसमें सेविंग अकाउंट के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलता है. हालांकि, कोरोना संकट की दौर में बैंक एफडी की दरों में भारी कमी आ चुकी है और इस स्थिति में पोस्ट ऑफिस में करवाएं एफडी निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकती है.

एक्सपर्ट के मुताबिक, बैंक एफडी पर इन दिनों मिल रही ब्याज दरें, महंगाई दर को पीछे छोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और इसलिए एफडी कराने के इच्छुक निवेशक ज्यादा ब्याज के लिए पोस्ट ऑफिस की योजनाओं पर विचार कर सकते हैं, क्योंकि 1 साल, 2 साल और 3 साल की अवधि के लिए पोस्ट ऑफिस एफडी पर 5.5 फीसदी ब्याज दर मिल रही है जो महंगाई की औसत वार्षिक दर के लगभग नजदीक है.

लाइवमिंट की एक रिपोर्ट में टैक्स और इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट जितेन्द्र सोलंकी कहते हैं, ”कोरोना संकट की वजह से बैंक एफडी की दरों में गिरावट देखी गई. वहीं, पोस्ट ऑफिस एफडी की दरें 5.5 फीसदी से 6.7 फीसदी तक हैं.”

पोस्ट ऑफिस एफडी पर ब्याज दर

इंडिया पोस्ट की वेबसाइट के मुताबिक, 1 साल, 2 साल और 3 साल की एफडी पर सालाना 5.5 फीसदी ब्याज मिलती है. वहीं 5 साल की अवधि वाली एफडी पर सालाना 6.7 फीसदी ब्याज मिलती है. हालांकि, निवेशकों को यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि पोस्ट ऑफिस अपनी एफडी पर सालाना आधार पर ब्याज देता है, लेकिन गणना तिमाही आधार पर करता है. पोस्ट ऑफिस में न्यूनतम 1,000 रुपये की एफडी कराई जा सकती है. अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है.