विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को चेतावनी देते हुए कहा कि नया कोविड-19 वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ का खतरा वैश्विक स्तर पर “बहुत अधिक” है. इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नया वेरिएंट कितना संक्रामक और खतरनाक है, इस बारे में अनिश्चितता बनी हुई है. डब्ल्यूएचओ ने एक तकनीकी नोट में कहा, “अगर ओमिक्रॉन की वजह से कोविड-19 की एक और लहर सामने आती है, तो नतीजे गंभीर हो सकते हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि, ‘अब तक, ओमिक्रॉन वेरिएंट से जुड़ी कोई मौत नहीं हुई है.’

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अभी यह ‘स्पष्ट नहीं है’ कि क्या केाविड-19 का नया स्वरूप ‘ओमिक्रॉन’, डेल्टा स्वरूप समेत अन्य स्वरूपों की तुलना में अधिक संक्रामक है और क्या यह अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बीमारी का कारण है. डब्ल्यूएचओ ने कहा, “इस बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, जो यह बताती हो कि ओमिक्रॉन से जुड़े लक्षण अन्य स्वरूपों की तुलना में अलग हैं.” उसने कहा कि ओमिक्रॉन स्वरूप की गंभीरता का स्तर समझने में कई दिनों से लेकर कई सप्ताह तक का समय लगेगा.

दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी

उसने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में इस स्वरूप से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या बढ़ी है, लेकिन यह समझने के लिए महामारी विज्ञान संबंधी अध्ययन चल रहे हैं कि क्या यह ओमिक्रॉन के कारण है या अन्य कारक इसके लिए जिम्मेदार हैं. संगठन ने कहा कि प्रारंभिक आंकड़ें बताते हैं कि दक्षिण अफ्रीका में लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन “इसका कारण ओमिक्रॉन से संक्रमण के बजाए सभी स्वरूपों से संक्रमित लोगों की कुल संख्या में वृद्धि हो सकता है.”

पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में हुई नए वेरिएंट की पहचान

वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन (Mutations) का नतीजा है. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया गया था. इसके बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और नीदरलैंड में भी इसकी पहचान की गई है.

WHO ने ‘ओमिक्रॉन’ को बताया ‘चिंताजनक स्वरूप’

डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को इसे ‘चिंताजनक’ स्वरूप (Variant of Concern) बताते हुए ओमिक्रॉन नाम दिया. ‘चिंताजनक स्वरूप’ डब्ल्यूएचओ की कोरोना वायरस के ज्यादा खतरनाक स्वरूपों की शीर्ष श्रेणी है. कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट को भी इसी श्रेणी में रखा गया था.