संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर जारी ऐतिहासिक किसान आंदोलन का शुक्रवार को एक साल पूरा हो रहा है.  पीएम की तरफ से तीनों कानूनों की वापसी की घोषणा के बाद एसकेएम ने किसानों से दिल्ली बॉर्डर्स पर पहुंचने और आंशिक जीत उत्सव मनाने का आह्वान किया था. इस अपील का बृहस्पतिवार को अच्छा खासा असर देखने को मिला. हालात को देखते हुए दिल्ली की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है.

आलम यह था कि कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसानों के पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू होकर देर रात तक जारी रहा. हर एक घंटे में 15 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कुंडली बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं. कानून वापस लिए जाने की घोषणा से किसान जोश में हैं, लेकिन एमएसपी समेत लंबित मांगों को भी नहीं भूले हैं. उनकी सरकार से उम्मीद भरी अपील है कि बाकी मांगों को जल्द ही पूरा किया जाए, ताकि वह घर लौट सकें.

संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के विरोध में 26 नवंबर को  ‘दिल्ली चलो’ के आह्वान के साथ शुरू हुआ किसान आंदोलन शुक्रवार को अपने ऐतिहासिक संघर्ष का एक साल पूरा करेगा.

पुलिस फिर लगा सकती है लोहे की कीलें व बैरिकेड

किसान आंदोलन के शुक्रवार को एक वर्ष पूरा होने पर व किसानों के 29 नवंबर को संसद कूच के एलान को देखते हुए दिल्ली के तीनों बॉर्डरों पर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है. दिल्ली पुलिस के सीनियर अफसर एक्शन मोड में आ गए हैं और बैठकों को दौर शुरू हो गया है. दिल्ली पुलिस टीकरी व गाजीपुर बॉर्डर पर फिर से लोहे की कीलें व बैरीकेड लगाकर सड़कों को बंद सकती है. सड़कों को बंद करने की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है. तीनों ही बॉर्डरों पर शुक्रवार से सुरक्षा सख्त हो जाएगी. दिल्ली पुलिस के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों ही बॉर्डरों पर सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दे दिए गए हैं.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसानों के संसद कूच को देखते हुए रोहतक रोड को फिर से कीलें व बेरीकेड्स लगाकर बंद करने की तैयारी कर ली गई है. इस तरह सिंघु बॉर्डर पर भी सुरक्षा को बढ़ाया गया है. हालांकि अभी तक सिंघु बॉर्डर पर मार्ग को खोला नहीं गया है. वह पर भी बाहरी फोर्स की कंपनियां तैनात की गई हैं. सिंघु गांव से होकर गुजरने वाले रास्ते पर भी सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है.