कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा केंद्रीकृत आईटी-सक्षम सिस्टम के विकास को मंजूरी दे दी है. इस कदम से कर्मचारी का पीएफ खाता नंबर नौकरी बदलने के बाद भी वही बना रहेगा. ईपीएफओ के फैसले के बाद अब पीएफ खाताधारकों को अकाउंट ट्रांसफर को लेकर चिंता करने की जरूरत है.

EPFO के नए फैसले के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है या एक कंपनी से दूसरी कंपनी ज्वाइन करता है तो पीएफ खाता ट्रांसफर करने का झंझट नहीं रहेगा. ये काम अपने आप हो जाएगा. सेंट्रलाइज सिस्टम की मदद से कर्मचारी का खाता मर्ज होगा. सेंट्रलाइज सिस्टम पीएफ के खाताधारकों के अलग-अलग अकाउंट्स को मर्ज करके एक अकाउंट बनाएगा.

बता दें कि फिलहाल यह नियम है कि जब कोई कर्मचारी एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में जाता है तो वह या तो पीएफ का पैसा निकाल लेता है या फिर दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कराता है. खाता ट्रांसफर कराने का काम कर्मचारी को खुद करना होता है.

शनिवार को हुई कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बोर्ड बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. EPFO के केंद्रीय बोर्ड ने बैठक में तय किया कि ईपीएफओ के सालाना जमा का 5 फीसदी हिस्सा अल्टरनेटिव इन्वेस्टेमेंट्स जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट InvITs भी शामिल है, में निवेश किया जाएगा.

बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (InvITs) में निवेश

वर्तमान में ईपीएफओ अपने सालाना जमा का एक हिस्सा बॉन्ड, सरकारी प्रतिभूतियों और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करता है. इस निवेश पर मिलने वाले रिटर्न के आधार पर ही पीएफ खाताधारकों के पीएफ पर ब्याज को तय किया जाता है.

अब InvITs में निवेश का नया विकल्प मिल गया है. InvITs के रूप में ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद रहेगी. जितना ज्यादा रिटर्न मिलेगा, ईपीएफओ उतना ही ज्यादा ब्याज अपने खाताधारकों को देगा.

अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स में InvITs फंड आता है जो म्यूचुअल फंड की तरह होता है. InvITs फंड पूरी तरह से सरकारी है और इसका रेगुलेशन सेबी की तरफ से होता है. ईपीएफओ के इस फैसले से करीब 6 करोड़ खाताधारकों को ज्यादा रिटर्न का फायदा मिल सकता है.