कांग्रेस तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने के फैसले के मद्देनजर आज पूरे देश में ‘किसान विजय दिवस’ मनाएगी और जगह-जगह सभाओं का आयोजन करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के निर्णय की घोषणा करते हुए कहा था कि संसद के आगामी सत्र में इसके लिए समुचित विधायी उपाय किए जाएंगे. कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने सभी राज्य इकाइयों से कहा है कि वे आज राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ‘किसान विजय दिवस’ मनाते हुए रैलियों और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के सम्मान में कैंडल मार्च का आयोजन करें.

राज्‍य इकाइयों केा भेजे गए पत्र में वेणुगोपाल ने कहा है कि किसानों की ओर से चलाए गए आंदोलन और बलिदान के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्‍व में एकजुट विपक्ष की लड़ाई का ही नतीजा है कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने का फैसला लेना पड़ा है. उन्होंने कहा कि बुराई पर सामूहिक विजय हमारे देश के अन्नदाताओं को समर्पित है. बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से पिछले साल सितंबर में कृषि कानून पारित किया गया था. उस समय केंद्र ने कहा था कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे.

हालांकि किसानों ने तीनों कृषि कानूनों के विरोध में उसके बाद से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था. किसान संगठनों का कहना था कि इन कानूनों से बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा होगा. शुरुआत में यह विरोध पंजाब और हरियाणा तक ही सीमित था लेकिन बाद में यह विरोध देश के अन्य हिस्सों में फैल गया. पिछले साल नवंबर में, किसानों ने ‘चलो दिल्ली’ का आह्वान किया और दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे दिया.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के साथ साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार एमएसपी से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए एक समिति बनाएगी. इस घोषणा के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा इस महीने के अंत में शुरू होने वाले संसद सत्र में हम तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने संबंधी संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे. देशवासियों से क्षमा मांगते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ‘हमारी तपस्या में ही कोई कमी रही होगी कि कुछ किसान भाइयों को हम समझा नहीं पाए. हमारी सरकार लगातार किसानों के हित में काम करती रही और करती रहेगी. जो किया किसानों के हित में किया था, जो करूंगा वो भी किसानों हित में करूंगा. आपके और देश के सपने साकार करने के लिए और ज्यादा मेहनत करूंगा.