रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए देश के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढाकर 7.9 फीसदी कर दिया है. सितंबर में सरकारी खर्च में उछाल को देखते हुए रेटिंग एजेंसी ने अपने अनुमान में यह बदलाव किया है. इक्रा ने इससे पहले चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में वास्तविक वृद्धि दर के 7.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया था. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में लो बेस प्रभाव की वजह से ग्रोथ रेट 20 फीसदी से ज्यादा रही थी.

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ”कोविड-19 की दूसरी लहर के थमने और टीकाकरण में तेजी के बाद औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की गतिविधियां तेज हुई हैं. इससे भरोसा बढ़ा है. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा खर्च में वृद्धि, मजबूत व्यापारिक निर्यात और कृषि क्षेत्र की निरंतर मांग ने आलोच्य तिमाही में आर्थिक गतिविधियों का समर्थन किया. कोविड-19 से प्रभावित वित्त वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही में सुधार होगा.”

RBI ने भी 9.5 फीसदी का लगाया है अनुमान

रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में 9.5 फीसदी जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि औसत अनुमान 8.5 से 10 फीसदी के बीच है. सरकार का अनुमान करीब 10 फीसदी है. वित्त वर्ष 2021-22 की जून तिमाही में जीडीपी 20.1 फीसदी बढ़ी.

UBS ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 9.5% किया

बता दें कि स्विस ब्रोकरेज कंपनी यूबीएस सिक्योरिटीज (UBS Securities) ने उम्मीद से ज्यादा तेज पुनरुद्धार, उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ने और खर्च में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए अपने वृद्धि अनुमान को संशोधित कर सितंबर के 8.9 फीसदी से बढ़ाकर 9.5 फीसदी कर दिया है.

Fitch Ratings ने कहा- 8.7 फीसदी रहेगी जीडीपी ग्रोथ

गौरतलब है कि रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्‍‍‍स (Fitch Ratings) ने नेगेटिव आउटलुक के साथ लंबी अवधि के लिए भारत की रेटिंग ट्रिपल-बी नेगेटिव (BBB-) बरकरार रखी है. रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी ग्रोथ के 8.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है.