गलत पहचान के कारण ‘हत्या की नाटकीय कहानी’ के चलते चर्चा में आईं निशा दहिया गुरुवार को राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में महिलाओं के 65 किग्रा में चैंपियन बनीं. निशा दहिया की बुधवार को गोली मारकर हत्या होने की रिपोर्ट कई वेबसाइट पर चली थी लेकिन बाद में जानकारी मिली कि जिस महिला की सोनीपत में हत्या हुई, वह कोई और थी. विश्व अंडर-23 चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता निशा का प्रदर्शन इतना शानदार था कि उन्होंने फाइनल में पंजाब की अपनी प्रतिद्वंद्वी जसप्रीत कौर को केवल 30 सेकेंड में चित कर दिया.

रेलवे का प्रतिनिधित्व करने वाली 23 वर्षीय निशा को खिताब हासिल करने तक केवल सेमीफाइनल में हरियाणा की प्रियंका से ही थोड़ी चुनौती मिली. यह राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उनका तीसरा स्वर्ण पदक है. निशा ने कहा, ‘यह वास्तव में मेरे अभियान का एक सुखद और शानदार अंत है. मैं एक दिन पहले तक बहुत तनाव में थी. मुझे नींद भी नहीं आ रही थी. वजन कम होने के कारण मैं पहले से ही कम ऊर्जावान थी और ऐसे में इस घटना का सामना करना मुश्किल था.’

इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि निशा की सोनीपत में हत्या कर दी गई लेकिन बाद में पता चला कि जिसकी हत्या की गई, वह उदीयमान पहलवान थी और उसका नाम भी निशा ही था. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगातार फोन आ रहे थे और मैंने अपना फोन बंद कर दिया. यह तनावपूर्ण बन गया था और मैं केवल अपनी प्रतिस्पर्धा पर ध्यान केंद्रित करना चाहती थी. आखिर में मैंने अपना प्रदर्शन प्रभावित नहीं होने दिया.’