यमुना नदी में जहरीले झाग को लेकर आलोचनाओं के बीच दिल्ली सरकार ने इसे रस्सियों की मदद से हटाने के लिए मंगलवार को 15 नौकाओं को तैनात किया. अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की इस योजना का क्रियान्वयन सिंचाई बाढ़ नियंत्रण विभाग और राजस्व विभाग की मदद से किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि नदी से झाग हटाने के काम में 15 दलों को तैनात किया गया है. यह काम तब तक चलेगा जब तक कि झाग पूरी तरह से हट नहीं जाते. इस संबंध में एक अधिकारी ने इसे अस्थायी उपाय बताते हुए कहा कि यह समस्या तब तक बनी रहेगी जब तक कि दिल्ली के जलमल शोधन संयंत्रों को नए मानकों के अनुरूप अद्यतन नहीं किया जाता और इसका कोई तात्कालिक उपाय नहीं है.

वहीं दिल्ली के जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने 75 वर्षों में यमुना को बचाने के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार वर्ष 2024 के अंत तक नदी को साफ करने का अपना वादा निभाएगी. जैन ने कहा कि चुनाव से पहले हमने कहा था कि हम 2024 तक यमुना को साफ कर देंगे। कोरोना वायरस महामारी के कारण काम में देरी हुई लेकिन हम अपने वादे पर कायम हैं.

उन्होंने कहा कि यमुना आज मैली (प्रदूषित) नहीं हुई. 75 साल से ऐसा ही है. दिल्ली में भाजपा और कांग्रेस सत्ता में रहीं, लेकिन उन्होंने नदी को साफ करने के लिए कुछ नहीं किया. मंत्री ने यह भी कहा कि दिसंबर 2022 तक कोंडली, रिठाला, ओखला और कोरोनेशन पिलर क्षेत्र में चार प्रमुख जल-मल शोधन संयंत्रों (एसटीपी) के पूरा होने से राजधानी में सीवेज उपचार क्षमता करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी.