बिहार में हुए विधानसभा उप चुनाव के नतीजे कांग्रेस के लिए निराशाजनक रहे. बिहार में हुए दो सीट के लिए उप चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली. बिहार में तारापुर और कुशेश्वर स्थान पर 30 अक्टूबर को वोट पड़े थे.

विधानसभा उप चुनाव से पहले ही कांग्रेस और राजद में गठबंधन टूट गया था. दोनों ही पार्टियों ने अपने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे. कांग्रेस ने दोनों सीट पर अपनी पूरी ताकत लगाई थी. वहीं लेफ्ट का दामन छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए नेता कन्हैया कुमार ने भी जमकर प्रचार किया था. कांग्रेस पार्टी को ये उम्मीद थी की फायर ब्रांड नेता कन्हैया युवा कुमार से पार्टी को फायदा होगा और युवा वोटरों को वह अपने पक्ष में करने में कामयाब होंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

कन्हैया कुमार के अलावा पप्पू यादव भी कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने गए थे. बिहार में अपनी खोई जमीन तलाश रही कांग्रेस ने उप चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. बिहार के तमाम बड़े नेता प्रचार में लगे थे, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली.