विराट कोहली एक ऐसे कप्तान हैं जो दबाव में खेलना पसंद करते हैं. वो इतिहास बदलने में यकीन रखते हैं. लेकिन आज विराट की कप्तानी दांव पर है. आज हारे तो सब हारे. पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में करारी हार ने टीम इंडिया को फंसा दिया है. सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए टीम को हर हाल में न्यूज़ीलैंड (IND VS NZ) को हराना होगा. हार का मतलब होगा टूर्नामेंट से लगभग बाहर का रास्ता. लेकिन न्यूजीलैंड को पटखनी देने के लिए विराट कोहली को इतिहास बदलना होगा.

उधर दूसरी तरफ साख न्यूज़ीलैंड की भी दांव पर है. पाकिस्तान ने उन्हें भी पहले मैच में पटखनी दी है. अंतर बस इतना है कि न्यूज़ीलैंड ने पाकिस्तान से लड़ते हुए बाज़ी हारी. लेकिन टीम इंडिया ने तो सरेंडर कर दिया. विराट की टीम को 10 विकेट से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था. यानी दोनों टीमों के लिए आज करो या मरो की लड़ाई है.

टी-20 वर्ल्ड कप में हार का खतरा

न्यूज़ीलैंड को हराने के लिए विराट कोहली को पुराने रिकॉर्ड बदलने पड़ेंगे. टीम इंडिया न्यूज़ीलैंड के खिलाफ कभी भी टी-20 वर्ल्ड कप का मैच नहीं जीत सकी है. पहले टी-20 वर्ल्ड कप में यानी साल 2007 में टीम इंडिया जोहान्सबर्ग के मैदान पर 10 रनों से मैच हार गई थी. इसके बाद पिछले टी-20 वर्ल्ड कप यानी साल 2016 में नागपुर में 127 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया  सिर्फ 79 रनों पर ऑल आउट हो गई थी. टी-20 वर्ल्ड कप में ये भारत का सबसे कम स्कोर है.

टी-20 के रिकॉर्ड पर नज़र डालें तो टीम इंडिया साल 2016 तक एक बार भी न्यूज़ीलैंड के खिलाफ नहीं जीत सकी थी. लेकिन 5 सालों में तस्वीरें बदली है. भारत के खिलाफ उन्हें पिछले 11 में से 8 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. ओवरऑल रिकॉर्ड की बात की जाय तो अब तक दोनों देशों के बीच कुल 16 टी-20 मैच खेले गए हैं. न्यूज़ीलैंड को यहां 8 मैचों में जीत मिली है. जबकि टीम इंडिया की झोली में 6 मैच आए हैं. दो मैच टाई हुए तो इसका फैसला एलिमिनेटर में हुआ.