पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को एक साल के लिए पान मसाला और गुटखा बनाने-बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है. राज्य सरकार द्वारा लगाया गया ये बैन आगामी सात नवंबर से अगले एक साल तक के लिए प्रभावी होगा. यह बात सरकारी आदेश में कही गई है. राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक यह निर्णय आम लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

ममता बनर्जी सरकार ने गुटखा, पान और अन्य तंबाकू उत्पादों पर साल 2019 में पहली बार प्रतिबंध लगाया था. अब 7 नवंबर 2021 से 6 नवंबर 2022 तक पश्चिम बंगाल राज्य के किसी खाद्य उत्पाद में संघटकों के रूप में तंबाकू व निकोटिन (गुटखा, पान मसाला) के निर्माण, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध रहेगा.

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी

अब गुटखा व पान मसाला में तंबाकू व निकोटिन का पाया जाना कानूनी अपराध है. कोई भी व्यक्ति तम्बाकू व निकोटिन युक्त खाद्य पदार्थ का निर्माण, भंडारण व बिक्री करता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी.

हरियाणा ने भी लगाया था बैन

इससे पहले सितंबर महीने में हरियाणा में गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध 1 साल के लिए और बढ़ा दिया गया था. हरियाणा में गुटखा और पान मसाला के निर्माण भंडारण और वितरण पर एक साल तक के लिए पाबंदी रहेगी. ये आदेश राज्य के सभी जिला उपायुक्त, सभी पुलिस अधीक्षक, सभी सिविल सर्जन, सभी पदाभिहित अधिकारियों व सभी खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी को जारी किए गए थे.

दिल्ली में भी पिछले साल तंबाकू और तंबाकू से बने उत्पादों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी. दिल्ली सरकार ने चबाने वाले तंबाकू और उससे बने उत्पादों को प्रतिबंधित उत्पादों की दायरे में शामिल किया था.