अगर आप टीवी देखने के शौकीन हैं तो आपको यह जान लेना चाहिए कि 1 दिसंबर से टीवी चैनल्स के बिल बढ़ने वाले हैं. देश के प्रमुख ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क्स जी, स्टार, सोनी और वॉयकॉम 18 ने कुछ चैनल्स अपने बुके से बाहर कर दिए हैं जिसके कारण टीवी दर्शकों को 50% तक अधिक खर्च करना पड़ सकता है. टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के नए टैरिफ ऑर्डर के लागू करने की वजह से यह दाम बढ़ रहे हैं.

बता दें कि TRAI ने मार्च 2017 में टीवी चैनल्स की कीमतों को लेकर न्यू टैरिफ ऑर्डर (NTO) जारी किया था. उसके बाद 1 जनवरी, 2020 को NTO 2.0 जारी हुआ. इसके चलते सारे नेटवर्क NTO 2.0 के अनुसार अपने चैनलों के दाम बदल रहे हैं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का विचार था कि एनटीओ 2.0 दर्शकों को केवल उन चैनलों के चयन और भुगतान करने का विकल्प और स्वतंत्रता देगा, जिन्हें वे देखना चाहते हैं.

जानिए क्या है वजह

ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क के किसी बुके में ऑफर किए जाने वाली चैनल की मंथली वैल्यू 15-25 रुपये के बीच रखी गई थी. लेकिन TRAI के नए टैरिफ ऑर्डर में यह न्यूनतम 12 रुपये तय की गई है. ऐसे में चैनल्स के लिए अपने ज्यादातर चैनल सिर्फ 12 रुपये में ऑफर करना बहुत नुकसानदेह हो सकता है. यह नुकसान कम करने के लिए नेटवर्क्स ने कुछ पॉपुलर चैनल्स को बुके से बाहर कर उनके दाम बढ़ाने का रास्ता सोचा है.

कितने रुपये खर्च होंगे

स्टार प्लस, कलर्स, ज़ी टीवी, सोनी और कुछ रीजनल चैनल जैसे लोकप्रिय चैनलों को देखने के लिए, दर्शकों को 35 से 50 फीसदी तक ज्यादा चुकाने होंगे. नई कीमतों पर एक सरसरी निगाह डाले तो यदि कोई दर्शक स्टार और डिज्नी इंडिया के चैनल देखना जारी रखना चाहता है 49 रुपये प्रति माह की जगह अब उतने ही चैनलों के लिए 69 रुपये खर्च करने होंगे. Sony के लिए उन्हें हर महीने 39 की जगह 71 रुपये खर्च करने होंगे. ZEE के लिए 39 रुपये की जगह 49 रुपये और Viacom18 चैनलों के लिए 25 रुपये प्रति माह की जगह 39 रुपये प्रति माह खर्च होंगे.