छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम हिसार में होने वाली आगामी राष्ट्रीय महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भाग नहीं लेगी. टोक्यो ओलंपिक में प्री क्वार्टर फाइनल तक ही पहुंच पाने वाली 38 वर्षीय मैरीकॉम हालांकि दिसंबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए अभ्यास कर रही है.

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने घोषणा कर रखी है कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप के गोल्ड मेडल विजेताओं को ही विश्व चैंपियनशिप की टीम में जगह मिलेगी, लेकिन पता चला है कि कुछ भार वर्गों में ट्रायल्स कराए जाएंगे जिनमें 48 किग्रा भी है जिसमें मैरीकॉम खेलती रही हैं.

राष्ट्रीय चैंपियनशिप 21 अक्टूबर से हिसार में होगी. ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल विजेता लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा) को टोक्यो के प्रदर्शन के आधार पर विश्व चैंपियनशिप की टीम में सीधे जगह दी गई है. इसलिए वह भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग नहीं लेगी. बता दें कि टोक्यो ओलंपिक 2020 के दौरान क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार के बाद मैरीकॉम विवादों में आ गई थीं.

इस हार के बाद मैरीकॉम ने आरोप लगाया था कि आयोजकों से उचित स्पष्टीकरण के बिना उनके अंतिम -16 मुकाबले से कुछ मिनट पहले जर्सी बदलने पर मजबूर कर दिया था. मैरीकॉम और फिर लवलीना बोरगोहेन जब रिंग में उतरीं तो उनकी पोशाक के पीछे ना तो उनका नाम था ना ही देश का नाम. प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में अपने मुकाबले को 2-3 से गंवाने के बाद मैरीकॉम ने कहा था कि यह थोड़ा परेशान करने वाला था कि उन्होंने मुझे बाउट से ठीक पांच मिनट पहले जर्सी बदलने के लिए कहा. उस समय दरअसल मेरे नाम की घोषणा हो चुकी थी.

उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि मुझे परेशान करने के लिए यह जानबूझकर की गई कार्रवाई थी. मैंने पहले राउंड के मैच को इसी तरह के कपड़े में जीत दर्ज की थी. वहां भी मेरा नाम मैरीकॉम और भारत लिखा था. उन्होंने कहा कि उन्‍हें मैरीकॉम लिखे कपड़े को पहनने की इजाजत नहीं थी. लवलीना के साथ भी ऐसा ही हुआ. उनके कपड़े पर भी पूरे नाम की जगह बोरगोहेन होना चाहिए था.