इकोनॉमी में सुधार की रफ्तार को और तेज करने के लिए सरकार भी त्योहारी सीजन को भुनाने में जुट गई है. बैंकों की तरफ से सभी जिलों में विशेष लोन अभियान की शुरुआत की गई है. बैंक किसान, एमएसएमई और रिटेल सभी प्रकार के खरीदारों को लोन दे रहे हैं और इनमें 15 प्रकार के लोन को शामिल किया गया है. मकान, गाड़ी, टीवी-फ्रिज जैसी चीजों की खरीदारी के साथ मुद्रा लोन को भी इस अभियान में शामिल किया गया है.

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग के मुताबिक सभी जिलों में एक साथ लोन की शुरुआत नहीं की गई है. अलग-अलग जिलों में अलग-अलग दिन से यह अभियान शुरू किया जा रहा है और 8-10 दिनों तक यह अभियान चलाया जाएगा. इस संबंध में सभी बैंकों को मंत्रालय की तरफ से निर्देश जारी कर दिया गया है और बैंक अपनी सुविधा के मुताबिक यह लोन अभियान शुरू कर रहा है. अगस्त आखिर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि खपत में बढ़ोतरी के लिए अक्टूबर में त्योहारी सीजन के दौरान लोन का विशेष अभियान चलाया जाएगा.

रेडसीयर के मुताबिक इस बार त्योहारी सीजन के पहले आठ दिनों में 6.2 करोड़ लोगों ने ई-कामर्स प्लेटफार्म पर खरीदारी की. इस प्लेटफार्म पर पिछले साल के त्योहारी सीजन की शुरुआत की समान अवधि के मुकाबले 23 फीसद की अधिक बिक्री हुई. वहीं रिटेल एसोसिएशन आफ इंडिया का कहना है कि इस साल सितंबर में रिटेल बिक्री वर्ष 2019 के सितंबर माह के 96 फीसद तक पहुंच गई थी और त्योहारी सीजन में रिटेल बिक्री पूरी तरह से कोरोना पूर्व काल के स्तर पर पहुंच जाएगी.

बैंक आफ इंडिया ने अपने होम लोन पर ब्याज दर में 0.35 प्रतिशत की कटौती की है. अब उसकी ब्याज दर 6.50 प्रतिशत से शुरू होगी. वहीं बैंक ने व्हीकल लोन पर भी ब्याज दर 7.35 से घटाकर 6.85 प्रतिशत कर दी है.