रोजगार के मोर्चे पर युवाओं के लिए अच्छी खबर है. देश में आईटी क्षेत्र की दिग्गज चारों कंपनियों ने अगले वित्तवर्ष तक 1.80 लाख नौकरियां देने की योजना बनाई है. टीसीएस, एचसीएल, विप्रो और इन्फोसिस ने अपनी हायरिंग प्रक्रिया तेज करने का लक्ष्य रखा है. कंपनियों का कहना है कि कर्मचारियों के नौकरी बदलने की दर लगातार बढ़ती जा रही है, लिहाजा कंपनी को फ्रेशर्स भर्ती करने पड़ेंगे.

टीसीएस : 78 हजार युवा भर्ती करने का लक्ष्य

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का कहना है कर्मचारियों के नौकरी बदलने की दर 11.9 फीसदी पहुंच गई है. एक तिमाही पहले यह 8.6 फीसदी थी. कंपनी ने चालू वित्तवर्ष में अभी तक 35 हजार फ्रेशर्स को भर्ती किया है, जबकि दूसरी छमाही में 43 हजार और युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है, इस तरह पूरे वित्तवर्ष में 78 हजार से ज्यादा लोगों की भर्तियां की जाएंगी.

इन्फोसिस : 45 हजार को मिलेगा रोजगार

इन्फोसिस ने हाल में दूसरी तिमाही के परिणाम जारी करने के बाद 2021-22 में करीब 45 हजार फ्रेर्शस को नौकरियां देने का खुलासा किया है. कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी प्रवीण राव ने बताया कि पहले हमने 35 हजार युवाओं को भर्ती करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन नौकरियां बदलने की बढ़ती दर ने यह आंकड़ा 45 हजार तक बढ़ाने को मजबूर कर दिया.

विप्रो : अगले साल 25 हजार नौकरियां

विप्रो के सीईओ-एमडी थियरी डेलापोर्ते ने कहा, दूसरी तिमाही के दौरान कैंपस सेलेक्शन के जरिये 8,100 युवाओं को नौकरियां दी गईं।.हमारे पास नए ऑर्डर और कारोबार विस्तार का मौका है, जिसे पूरा करने के लिए अगले वित्तवर्ष तक 25 हजार और युवाओं का भर्ती करने का लक्ष्य बनाया है.

एचसीएल : 52 हजार युवाओं को मौका

एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने चालू वित्तवर्ष में 20-22 हजार युवाओं को रोजगार का लक्ष्य रखा है. कंपनी का कहना है कि भर्ती करने की प्रक्रिया अगले वित्तवर्ष में भी जारी रहेगी और हमने 30 हजार से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरियां देने की योजना बनाई है. इस तरह 2022-23 तक कुल 52 हजार नौकरियां देने का लक्ष्य है.