देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच अर्थव्यवस्था तेजी पटरी पर वापस लौट रही है. यह कई क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. क्रिसिल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट की के मुताबिक देश में गोल्ड लोन की मांग तेजी से बढ़ी है. आर्थिक गतिविधियों में तेजी और त्योहारी सीजन के चलते सूक्ष्म उद्यमों और लोगों में गोल्ड लोन की मांग में बढ़ी है ताकि कार्यशील पूंजी और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा किया जा सके.

रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्ड लोन पर आधारित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां यानि Assets Under Management(AUM) इस वित्त वर्ष में 18-20% बढ़कर 1.3 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है.

गोल्ड लोन की मांग बनी रहेगी

क्रिसिल रेटिंग्स के सीनियर डायरेक्टर और डिप्टी चीफ रेटिंग ऑफिसर कृष्णन सीतारमन ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि- ‘इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में पहली तिमाही के तुलना में गोल्ड लोन के वितरण में तेजी आई है.’

उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के बाकी समय में भी यह गति बनी रहेगी. उन्होंने आगे कहा कि गोल्ड लोन की मांग बनी रहेगी, जबकि कर्जदाता कई अन्य खुदरा परिसंपत्ति श्रेणियों में तेजी को लेकर सतर्क रहेंगे.