सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजी हाथों में सौंपने का केंद्र का अभियान तेजी पकड़ रहा है. सरकार ने दिसंबर तक और दो सरकारी कंपनियों के प्राइवेट बन जाने की संभावना व्यक्त की है. ये दो कंपनियां हैं- नीलाचल इस्पात और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स. सरकार की ओर से कहा गया है कि इन दोनों कंपनियों से जुड़े लेनदेन दिसंबर तक पूरे होने की संभावना है.

निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव तुहिन कांत पांडे ने टीओआई को बताया कि लगभग दो दशकों में पहले निजीकरण से मिली सीख सरकार के निजीकरण अभियान को गति देने में मदद करेगी। सरकार जिन अन्य पीएसयू का प्राइवेटाइजेशन करना चाहती है, उनमें शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और पवन हंस भी शामिल हैं. इसके अलावा सरकार LIC की शेयर बाजार पर मेगा लिस्टिंग के साथ-साथ मार्च तिमाही में बीपीसीएल और बीईएमएल के निजीकरण की भी उम्मीद कर रही है.