राष्ट्रमंडल खेलों  में 2026 से सिर्फ एथलेटिक्स और एक्वाटिक्स ही दो अनिवार्य खेल होंगे, जिससे मेजबान शहरों को कोर सूची में जगह पाने वाले खेलों में से अपनी पसंद के खेलों को शामिल करने की स्वतंत्रता मिलेगी. कोर खेलों में टी20 क्रिकेट और तीन गुणा तीन बास्केटबॉल भी शामिल है. इस खाके को राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) की आम सभा की आनलाइन बैठक में स्वीकृति दी गई.

सीजीएफ के बयान के मुताबिक, “मेजबानी के फायदों को बढ़ाने और खेलों को लागत के लिहाज से अधिक प्रभावी बनाने, नए दर्शकों को जोड़ने के लिए राष्ट्रमंडल खेल 2026-2030 रणनीतिक खाका भविष्य के मेजबानों को नई धारणाओं को लागू करने के लिए आमंत्रित करता है, जिसमें सह-मेजबानी और बड़ी संख्या में प्रतिनिधित्व वाली प्रतियोगिताओं का आयोजन शामिल हैं.”

कॉमनवेल्थ फेडरेशन ने आगे अपने बयान में कहा, “अंतरराष्ट्रीय महासंघों के साथ मौजूदा सलाह मशविरे के हिस्से के तौर पर संशोधित खेल कार्यक्रम की महत्वाकांक्षा है. जो मेजबानों को कोर खेलों की विस्तृत सूची से चयन करने के लिए अधिक लचीलापन देगी. ’’कोर खेलों में टी20 क्रिकेट, बीच वॉलीबॉल और तीन गुणा तीन बास्केटबॉल को शामिल किया गया है जो पहले वैकल्पिक खेल थे. 15 खेलों की कोर सूची में बैडमिंटन, निशानेबाजी, टेबल टेनिस, कुश्ती (फ्रीस्टाइल) और हॉकी भी शामिल है.”

सीजीएफ ने सिफारिश की है कि खेलों के दौरान लगभग 15 खेलों का आयोजन होगा. इन खेलों के 2026 के मेजबान की तलाश अभी जारी है, जबकि 2022 में इन खेलों का आयोजन बर्मिंघम में होगा. बर्मिंघम खेलों से निशानेबाजी को हटाया गया है जबकि टी20 महिला क्रिकेट को शामिल किया गया है. अन्य स्वीकृत सिफारिशों के अनुसार खाके में कहा गया है कि पैरा खेल कार्यक्रम इन खेलों का अहम हिस्सा बना रहेगा।

सीजीएफ ने कहा कि भविष्य में संभावित मेजबानों को वैकल्पिक खेल गांव पर विचार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, खिलाड़ियों को नव निर्मित स्थान या एक ही स्थान पर रखने की जरूरत नहीं होगी.