दिल्ली सहित देश के कई राज्यों द्वारा ब्लैकआउट पर चिंता जताने के बीच केंद्र सरकार ने सफाई दी है. कोयला मंत्रालय ने रविवार को साफ किया कि बिजली उत्पादक प्लांट की जरूरत को पूरा करने के लिए देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है. मंत्रालय ने कोयले की कमी की वजह से बिजली आपूर्ति में बाधा की आशंकाओं को पूरी तरह निराधार बताया.

इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि कोयले की कमी की वजह से देश में बिजली संकट पैदा हो सकता है. इसके बाद मंत्रालय का यह बयान आया है. मंत्रालय ने बयान में कहा, ”कोयला मंत्रालय आश्वस्त करता है कि बिजली प्लांट की जरूरत को पूरा करने के लिए देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है. इसकी वजह से बिजली संकट की आशंका पूरी तरह गलत है.”

कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट किया- देश में कोयले के उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की. मैं सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि बिजली सप्लाई में बाधा की कोई आशंका नहीं है. कोल इंडिया के मुख्यालय पर 4.3 करोड़ टन कोयले का भंडार है जो 24 दिन की कोयले की मांग के बराबर है.”

कोयला मंत्रालय ने कहा कि बिजली प्लांट के पास करीब 72 लाख टन का कोयला भंडार है जो चार दिन के लिए पर्याप्त है. कोल इंडिया के पास 400 लाख टन का भंडार है जिसकी सप्लाई बिजली प्लांट को की जा रही है.