ATM में कैश खत्‍म होने पर बैंकों पर तगड़ा जुर्माना लगाने का नियम खत्‍म हो सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने कहा है कि आरबीआई एटीएम में समय से नोट नहीं डालने पर बैंकों को दंडित करने की अपनी योजना की समीक्षा कर रहा है. बैंकों से मिली प्रतिक्रिया के बाद यह कदम उठाया जा रहा है.

बता दें, आरबीआई ने इस साल अगस्त में कहा था कि वह एटीएम में समय पर नोट डालने में विफल रहने के लिए बैंकों को दंडित करेगा. एटीएम के जरिए जनता के लिए पर्याप्त नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह योजना एक अक्टूबर 2021 से लागू की गई थी.

शंकर ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा- हमें विभिन्न प्रतिक्रियाएं मिली हैं- कुछ सकारात्मक हैं और कुछ में चिंता जताई गई है. स्थान विशेष को लेकर कुछ मुद्दे हैं. हम सभी प्रतिक्रियाएं ले रहे हैं और समीक्षा कर रहे हैं और देखते हैं कि इसे कैसे सबसे अच्छी तरह लागू किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि एटीएम खाली रहने पर जुर्माना लगाने के पीछे विचार यह सुनिश्चित करना है कि सभी एटीएम में हर समय नकदी उपलब्ध रहे, खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में. इस योजना के अनुसार किसी भी एटीएम में एक महीने में दस घंटे से अधिक समय तक कैश नहीं रहने पर प्रति एटीएम 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा.