देश की रक्षा करने के लिए सेना में भर्ती होने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए दिल्ली सरकार अगले साल से ‘आर्म्ड फोर्सेज प्रीप्रेटरी स्कूल’ (Armed Forces Preparatory School) शुरू करेगी, जिसमें दो साल एनडीए परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी. ऐसे विद्यार्थियों की फिजिकल फिटनेस, पर्सनाल्टी डेवलपमेंट और मानसिक विकास का ध्यान रखा जाएगा.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष के लिए पहली बार बवाना स्टेडियम में सैन्य भर्ती रैली आयोजित की जाएगी. सरकार ने यूपीएससी के माध्यम से सेना में अधिकारी बनने का सपना संजोने वाले विद्यार्थियों के लिए भी पहल शुरू की है, जिसके तहत सैन्य अधिकारी, आईएएस, आईपीएस अधिकारी सीधे संवाद के जरिये बच्चों को अध्ययन एवं तैयारियों से संबंधित अपना अनुभव साझा करेंगे.

इस सीरिज के चौथे सत्र में सोमवार को भारतीयी सेना के अधिकारी एवं दिल्ली सरकार के स्कूल के पूर्व छात्र कर्नल राजेश गुप्ता ने विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा किए. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश ने कार्यक्रम का संचालन किया. शक्तिनगर के एसकेवी संख्या 1 पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में जहां विभिन्न स्कूलों के कम से कम 75 विद्यार्थियों ने प्रत्यक्ष तौर पर हिस्सा लिया, वहीं 13,000 बच्चों ने यूट्यूब लाइव के जरिये इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

गुप्ता ने कहा कि मुझे सेना की वर्दी के प्रति बहुत चाहत थी और मैं डेस्क जॉब नहीं करना चाहता था. मेरे दोनों सपने भारतीय सेना में शामिल होने से पूरे हो गए. 10वीं पास करने के बाद मैंने एनडीए के जरिये भारतीय सेना में शामिल होने का फैसला किया. जीवन में कुछ भी आसान नहीं है, लेकिन यदि आप कृतसंकल्पित हैं तो कुछ भी हासिल करना कठिन नहीं है.

उन्होंने कहा कि आपके अंदर केवल जज्बा और कड़ी मेहनत का माद्दा होना चाहिए. कोई भी व्यक्ति बड़ा ख्वाब देख सकता है और उसके अनुसार अपना लक्ष्य निर्धारित कर सकता है. अपने अंदर के डर पर नियंत्रण करो और अपनी क्षमताओं का बेहतरीन इस्तेमाल करो. सिसोदिया ने एनडीए परीक्षाओं में इस साल से ही महिला उम्मीदवारों को शामिल करने के निर्णय का स्वागत किया.