जल्द ही आपकी रसोई में इस्तेमाल होने वाली गैस (LPG Cylinder) महंगी हो सकती है. क्योंकि, सरकार ने गुरुवार को प्राकृतिक गैस की कीमत को 62 फीसद तक बढ़ा दिया है, जिसका उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक बनाने और ऑटोमोबाइल में ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी और घरेलू रसोई के लिए किया जाता है. यह बढ़ोतरी बेंचमार्क अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मजबूती के कारण आई है. हालांकि, यह पिछले कुछ हफ्तों के दौरान लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की मौजूदा कीमत में तेजी को नहीं दर्शाती है. गैस की कीमतों में वृद्धि से दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में CNG और पाइप्‍ड रसोई गैस (PNG) की दरों में 10 से 11 फीसद की वृद्धि होने की संभावना है.

बता दें, प्राकृतिक गैस की कीमत बढ़ने से बिजली पैदा करने की लागत में भी वृद्धि होगी. हालांकि, इससे हमारी जेब पर खासा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि गैस से पैदा होने वाली बिजली का हिस्सा बहुत कम है. इसी तरह, खाद (उर्वरक) उत्पादन की लागत भी बढ़ जाएगी, लेकिन सरकार खाद के दाम सब्सिडी देती है, जिस कारण से इसके दरों में वृद्धि की संभावना नहीं है.

इस साल अप्रैल में पिछले संशोधन में, ओएनजीसी को भुगतान की गई दरों को यूडी 1.79 पर अपरिवर्तित छोड़ दिया गया था, जबकि डीपसी गैस की कीमत 4.06 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से घटाकर 3.62 डॉलर कर दी गई थी।