सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए लोगों से पहचान के तौर पर सिर्फ आधार कार्ड पेश करने के लिए दबाव ना डाला जाए. जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुरुआत में याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील से कहा, ‘आप अखबार की रिपोर्ट पर ना जाएं. क्या आपने खुद कोविन एप को देखा है? इसे अपडेट किया गया है. कोर्ट ने आगे कहा कि एप के एफएक्यू वाले सेक्शन में जाएं, वहां आपको पहचान पत्रों की सूची मिलेगी. इसके माध्यम से आप टीकाकरण के लिए पंजीकृत कर सकते हैं. आप ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि से भी पंजीकरण कर सकते हैं.

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यह सही है कि सात ऐसे पहचान पत्र हैं, जिसके द्वारा पंजीकरण किया जा सकता है, लेकिन टीकाकरण केंद्र पर लोगों से आधार की ही मांग की जाती है. टीकाकरण केंद्रों पर कहा जाता है कि आधार के बिना टीकाकरण नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि यह नियम सिर्फ कागजों पर है. आधार कार्ड से लिंक होना आवश्यक है. इसके बाद पीठ ने याचिका पर परीक्षण का निर्णय लेते हुए सरकार को नोटिस जारी किया.