प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U 2.0) और कायाकल्प एवं शहरी सुधार के लिए अटल मिशन (Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation (AMRUT) 2.0) के दूसरे चरण की शुरुआत कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने भीमराव आंबेडकर को याद किया और कहा कि अगला चरण बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने की दिशा में भी एक अहम कदम है.

बाबा साहेब आंबेडकर को किया याद
पीएम ने कहा, ‘बाबा साहेब, असमानता दूर करने का बहुत बड़ा माध्यम शहरी विकास को मानते थे. बेहतर जीवन की आकांक्षा में गांवों से बहुत से लोग शहरों की तरफ आते हैं. हम जानते हैं कि उन्हें रोजगार तो मिल जाता है लेकिन उनका जीवन स्तर गांवों से भी मुश्किल स्थिति में रहता है. ये उन पर एक तरह से दोहरी मार की तरह होता है. एक तो घर से दूर, और ऊपर से ऐसी स्थिति में रहना. इस हालात को बदलने पर, इस असमानता को दूर करने पर बाबा साहेब का बड़ा जोर था. स्वच्छ भारत मिशन और मिशन अमृत का अगला चरण, बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने की दिशा में भी एक अहम कदम है.’

संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि शहरों को कचरे के ढेर से मुक्त बनाना लक्ष्य है. उन्होंने कहा, ‘2014 में देशवासियों ने भारत को खुले में शौच से मुक्त करने का संकल्प लिया था. 10 करोड़ से ज्यादा शौचालयों के निर्माण के साथ देशवासियों ने ये संकल्प पूरा किया. अब ‘स्वच्छ भारत मिशन-अर्बन 2.0’ का लक्ष्य है गार्बेज फ्री शहर, कचरे के ढेर से पूरी तरह मुक्त शहर बनाना.’ मिशन अमृत को लेकर उन्होंने कहा, ‘मिशन अमृत के अगले चरण में देश का लक्ष्य है- ‘सीवेज और सेप्टिक मैनेजमेंट बढ़ाना, अपने शहरों को वॉटर सिक्योर सिटीज’ बनाना और ये सुनिश्चित करना कि हमारी नदियों में कहीं पर भी कोई गंदा नाला न गिरे.’

पीएम ने कहा कि 2014 के पहले के 7 वर्षों की बात करें, तो शहरी विकास मंत्रालय के लिए करीब सवा लाख करोड़ रुपये का ही बजट आवंटित था. उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार के 7 वर्षों में शहरी विकास मंत्रालय के लिए करीब 4 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया.’ उन्होंने जानकारी दी कि 2014 में अभियान की शुरुआत में देश में 20 फीसदी से भी कम वेस्ट प्रोसेस होता था, अब यह आंकड़ा 70 फीसदी है. उन्होंने कहा, ‘हमें इसे 100 फीसदी तक लेकर जाना है.’