कोरोना वायरस की महामारी के कारण राजधानी में दिल्ली आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (DDMA) ने सरकारी एजेंसियों के साथ पुलिस को सख्त हिदायत दी है कि कोविड प्रोटोकॉल पालन हर हाल में होना चाहिए. यही नहीं, अगर कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्‍त एक्शन लिया जाए. इसी वजह से दिल्‍ली में मास्‍क और सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियमों को न मानन वाले लोगों पर पिछले 6 महीने में 179 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है. यही नहीं, अप्रैल से 27 सितंबर तक 20,445 लोगों को अरेस्ट भी किया जा चुका है.

इसके अलावा सरकारी एजेंसियों और पुलिस ने 63,061 मामले भी दर्ज करवाए हैं. हालांकि जुलाई और अगस्त के मुकाबले सितंबर में चालान कुछ कम हुए हैं. वहीं, डीडीएमए ने एजेंसियों को कहा है कि अक्टूबर और नवंबर में फेस्टिव सीजन के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल की अनदेखी नहीं होनी चाहिए, दिल्‍ली में कोरोना के कम मामलों के बावजूद ढिलाई की गुंजाइश नहीं है.

दिल्‍ली में अब तक सरकारी एजेंसियों ने 136 करोड़ और दिल्ली पुलिस ने 43 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. दरअसल डीडीएमए ने सभी डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट, डीसीपी, नगर निगम के अफसरों और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए थे कि सभी फल-सब्जी मंडियों, आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन, बाजार, मॉल, दुकानों, वीकली बाजार समेत तमाम सार्वजनिक जगहों पर खास ध्यान दें. जबकि सरकारी एजेंसियों की 156 एनफोर्समेंट टीमें और 129 गाडियां दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रही हैं. मई से 27 सितंबर तक 1,36,01,39,962 रुपये का जुर्माना लगाया है. जबकि सबसे ज्यादा जुर्माना जुलाई (36.21 करोड़) में लगाया गया है. वहीं, अगस्त में 32.33 करोड़, जून में 25.19 करोड़, मई में 15.16 करोड़ और सितंबर में अभी तक 27.10 करोड़ लगा है. इसके अलावा 23,605 एफआईआर होने के साथ 7,89,082 चालान किए हैं.