द‍िल्‍ली में कोरोना से सुधरते हालातों के बीच अब दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस साल दशहरा और दुर्गा पूजा समारोह आयोजन की अनुमति दे दी है. लेक‍िन इन आयोजन स्‍थलों पर कुल सीटों से ज्‍यादा भीड़ एकत्र नहीं हो, इसको लेकर भी सख्‍ता द‍िशान‍िर्देश डीडीएमए की ओर से आयोजनकर्ताओं को द‍िए गए हैं.
बुधवार को उप-राज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (डीडीएमए) की मीटिंग में यह फैसला ल‍िया गया. मीटिंग में नीति आयोग के प्रमुख वीके पॉल, द‍िल्‍ली के चीफ सेक्रेटरी व‍िजय कुमार देव और एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया भी शामिल रहे.
डीडीएमए (DDMA) की ओर से इन आयोजन को करने के साथ-साथ कोव‍िड-19 उच‍ित व्‍यवहार की गाडइलाइंस का अनुपालन करते हुए यह भी सुन‍िश्‍च‍ित करना होगा क‍ि साइट पर क‍िसी प्रकार के भोजनालय, कोई मेला आद‍ि का आयोजन नहीं क‍िया जाए. वहीं 100 फीसदी मास्‍क पहनने की व्‍यवस्‍था को सख्‍ती से लागू करवाया जाए. इसके अलावा एंट्री और एग्‍ज‍िट गेट के ल‍िए न‍िर्धार‍ित मानकों का भी अनुपालन क‍िया जाए.
कोरोना संक्रमण की वजह से एहत‍ियात के तौर पर 6 से 8 कक्षा तक और प्राइमरी कक्षा के तक स्‍कूलों को त्‍योहार समाप्‍त होने बाद खोलने पर फैसला क‍िया है. मीटिंग में तय हुआ कि अगले महीने नवरात्र, उसके बाद दीपावली समेत कई त्योहार हैं. कोरोना की तीसरी लहर की आशंका अभी टली नहीं है. इसलिए मिडिल और प्राइमरी क्लास तक स्कूल खोलने के संबंध में इन त्योहारों के बाद फैसला लेना बेहतर होगा.