ब्रिटेन में खाने-पीने की चीजों की कमी हो गई. सुपर मार्केट के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं, लेकिन वह भी लगभग खाली हैं. पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन पर गाड़ियों की लंबी कतारें हैं, वह धीरे-धीरे बंद हो रहे हैं. ग्राहक पंप मालिकों से बहस कर रहे हैं. पूरे देश में अफरातफरी का माहौल है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये संकट आया कैसे?

ब्रेग्जिट और कोरोना महामारी की वजह से देश में ट्रक ड्राइवरों की कमी हो गई है. जिसकी वजह से जरूरी सामानों की आवाजाही बाधित हो रही है. लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में ये संकट और ज्यादा गहरा सकता है.

ब्रिटेन में एक लाख ट्रक ड्राइवरों की कमी पूरी करने के लिए सैनिकों को तैनात किया जा सकता है. ये सैनिक देशभर में खाद्य, फ्यूल और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति करेंगे.

वही, 17 साल से ट्रक चला रहे बैरी नाम के ट्रक ड्राइवर ने बताया कि ब्रिटेन में ज्यादातर ट्रक ड्राइवर यूरोपीय देशों से आते थे. लेकिन ब्रेग्जिट के बाद उन्हें अपने देश वापस जाना पड़ा.इसका असर अब दिखाई दे रहा है. ब्रिटेन में कोरोना महामारी के दौरान हजारों ड्राइवर संक्रमित हो गए. इसके बाद कई ड्राइवरों ने नौकरी छोड़ दी. फेडरेशन ऑफ होलसेल डिस्ट्रीब्यूटर्स के मुख्य कार्यकारी जेम्स बीएलबी ने कहा कि आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ेगी.

ब्रिटिश कंपनियां करीब 78 लाख रुपए तक सालाना सैलरी देने को तैयार हैं. लिंकनशायर की एक सब्जी फर्म ने बताया कि हमने ड्राइवर्स को हर घंटे 30 पाउंड (करीब 3030 रुपए) देने का विज्ञापन निकाला है. फिर भी ड्राइवर्स मिल ही नहीं रहे.