देश की अर्थव्यवस्था लगातार उबरने की राह पर है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यह बात कही. उन्होंने कहा कि जीएसटी और प्रत्यक्ष कर संग्रह में वृद्धि इसका संकेत है. सीतारमण ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार को लेकर भरोसा बढ़ा है क्योंकि खुदरा और छोटे निवेशक उत्सुकता के साथ शेयर बाजार में पैसा लगा रहे हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष कर के मामले में छमाही लक्ष्य पहले ही प्राप्त किये जा चुके हैं. ‘जीएसटी संग्रह औसतन हर महीने 1.11-1.12 लाख करोड़ रुपये के दायरे में है. संभवत: यह कहा जा सकता है कि यह 1.15 लाख करोड़ रुपये प्रति महीने के दायरे में है.

सीतारमण ने कहा, ‘मैं पुनरूद्धार के संकेत साफ देख रही हूं. ये संकेत अच्छे हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो जीएसटी (माल एवं सेवा कर) तथा प्रत्यक्ष कराधान मामले में राजस्व संग्रह उस स्तर पर नहीं रहता, जो आज है. उन्होंने कहा, ‘ये छोटे संकेत नहीं हैं और न ही कोई छिटपुट संकेत हैं. ये स्पष्ट रूप से दशार्तें हैं कि अर्थव्यवस्था पुनरुद्धार के रास्ते पर मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है.

शेयर बाजार से जुड़े एक सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा कि बाजार की अपनी समझ है कि वह कंपनियों के साथ क्या व्यवहार करता है. उन्होंने कहा कि कंपनियों की सूचीबद्धता प्रक्रिया और संबंधित नियमनों में पारदर्शिता है.