नेशनल डिफेंस एकेडमी  के तहत महिलाओं के सेना में दाखिले में नया मोड़ आया है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट  से नई नीतियां लागू करने के लिए और समय की मांग की है. साथ ही कोर्ट को बताया गया है कि महिलाएं इस वर्ष परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगी. सरकार की इस बात को शीर्ष अदालत ने मानने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने सरकार को महिलाओं की परीक्षा लेने के लिए कहा है. नवंबर में अगला एग्जाम होना है.

केंद्र ने एपेक्स कोर्ट से कहा है कि वे महिलाओं को अगले साल मई तक ही एनडीए में शामिल कर पाएंगे. हालांकि, कोर्ट ने सरकार की मांग को नहीं माना है और महिलाओं को परीक्षा में शामिल करने के लिए कहा है. साथ ही अदालत ने सरकार को नीतियां लागू करने के लिए 6 महीने का और समय देने से भी इनकार कर दिया है. मंगलवार को ही सरकार ने कहा था कि महिलाएं एनडीए के जरिए दाखिला हासिल कर सकेंगी.

बता दें, जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि सेना तो हर काम तत्काल करती है. हमने पहले ही आदेश दिया था कि नवंबर में महिलाएं परीक्षा दें. अब महिलाओं को यह कहना ठीक नहीं है कि 6 महीने और इंतजार करो. सरकार से कहा गया कि आप परीक्षा ले, उसके बाद देखेंगे कि कितनी महिलाएं उपस्थित होती हैं और क्या दिक्कतें आती हैं. अदालत ने कहा कि हमें उम्मीद है सरकार कर लेगी.

अपने पिछले आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि नवंबर में होने वाले एग्जाम में महिलाओं को शामिल होने दिया जाए. लेकिन उनको दाखिला मिलेगा या नहीं ये बाद में तय होगा. आज सुप्रीम कोर्ट ने दाखिले के लिए भी आदेश दे दिया. अदालत ने कहा कि सरकार टेंपरेरी मानक बना कर दाखिला शुरू कर सकती है. अगले एग्जाम में उन मानकों को बेहतर किया जा सकता है. लेकिन शुरुआत तो अभी करनी होगी.