दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छह संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार करते हुए आईएसआई (ISI) के इशारे पर धमाकों की साज़िश को नाकाम कर दिया. गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों में प्रयागराज का जीशान और प्रयागराज से ही जुड़ा ओसामा है. ये दोनों पाकिस्तान में आईएसआई की ट्रेनिंग ले चुके हैं. वहीं मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े और गिरफ्तार समीर कालिया का कनेक्शन प्रतापगढ़ के इम्तियाज़ उर्फ कल्लू से है. कल्लू से भी स्पेशल सेल ने पूछताछ की है. लखनऊ से गिरफ्तार आमिर कुर्सी रोड पर बने स्लॉटर हाउस में काम करता है और खजूर भी बेचता है. प्रयागराज से गिरफ्तार जीशान और फरार हुमैद खजूर सप्लाई करते हैं. जीशान ही आमिर को खजूर सप्लाई करता था.

जीशान के बारे में बताया जा रहा कि कुछ समय पहले तक वो सऊदी अरब में नौकरी करता था और लॉकडाउन के चलते वापस आया. प्रयागराज में जीशान ने खजूर सप्लाई का बिज़नेस शुरू किया. रायबरेली से गिरफ्तार लाला भाई उर्फ साजू उर्फ  मूलचंद, ऊंचाहार के गांव अकुड़िया का रहने वाला है. ऊंचाहार, अकुड़िया के ही जमील खत्री से भी पूछताछ हुई. जमील खत्री का भी अंडरवर्ल्ड कनेक्शन बताया जा रहा है. नई दिल्ली से गिरफ्तार ओसामा का चाचा प्रयागराज का हुमैद है, जो फिलहाल फ़रार है. नई दिल्ली से गिरफ्तार अबू बकर भी यूपी के बहराइच के जरवल का रहने वाला है. प्रयागराज से फरार हुमैद का पिता जामिया नगर मदरसे में पढ़ाता  है. इस पूरे मामले से एक बात साफ हो रही है कि मुंबई अंडरवर्ल्ड को बदमाश और नई दिल्ली के रास्ते आतंकवाद से जुड़ने वाले युवक यूपी से मिल रहे हैं.

बता दें, मंगलवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी एटीएस के संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किए गए आतंकियों के निशाने पर त्योहारी सीजन में दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र सहित छह प्रदेशों के 15 शहर थे. इन शहरों की रेकी कर वहां बड़े पैमाने पर सीरियल ब्लास्ट करने की साजिश रच रहा था. इसके लिए मॉड्यूल के अलग-अलग संदिग्धों और उनके नेटवर्क से जुड़े लोगों के जिम्मे अलग-अलग काम सौंपा गया था.

इसके बाद गिरफ्तार आतंकवादियों में से दो का पाकिस्तानी कनेक्‍शन सामने आया. इन दोनों ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी. कुछ दस्तावेजों से पता चला कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी इनके पीछे है. आतंकियों की ट्रेनिंग करवाने में उसका भी हाथ था. बाद में पूछताछ के दौरान अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम भी सामने आया. दरअसल देश में हथियार, रुपये और विस्फोटक आतंकियों तक पहुंचाने में दाऊद का भाई अनीस इनकी मदद कर रहा था.