हिंदी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को बधाई दी है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि हिंदी को समर्थ व सक्षम बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों ने भूमिका निभाई है.

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों को हिंदी दिवस की बधाई देते हुए ट्वीट किया कि हिंदी को एक सक्षम व समर्थ भाषा बनाने में अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है. यह आप सभी के प्रयासों का ही परिणाम है कि वैश्विक मंच पर हिंदी लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रही है.

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा कि हिंदी दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि मूल कार्यों में अपनी मातृभाषा के साथ राजभाषा हिंदी का उत्तरोत्तर प्रयोग करने का संकल्प लें. मातृभाषा व राजभाषा के समन्वय में ही भारत की प्रगति समाहित है. भाषा मनोभाव व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है. हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना व राष्ट्रीय एकता का मूल आधार होने के साथ-साथ प्राचीन सभ्यता व आधुनिक प्रगति के बीच एक सेतु भी है.

हिंदी को 14 सितंबर 1949 को राजभाषा का दर्जा दिया गया, लिहाजा इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है. संविधान सभा ने देवनागरी लिपि वाली हिंदी के साथ ही अंग्रेजी को भी आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया था लेकिन 1949 में 14 सितंबर के दिन संविधान सभा ने हिंदी को ही भारत की राजभाषा घोषित किया. हालांकि पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया.

राजभाषा और मातृभाषा के बीच बनाना होगा सामंजस्य 

गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में मातृभाषा और राजभाषा के बीच सामंजस्य स्थापित करना होगा. उन्होंने कहा कि मैं देशवासियों से अपील करता हूं कि वे सरकारी कार्यों से लेकर अपने निजी कार्यों में भी हिंदी भाषा के प्रयोग का संकल्प लें.