झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में बताया कि कोरोना काल में प्रदेश में ऑक्‍सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई. हालांकि, प्रदेश सरकार ने जानकारी दी कि कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में अब तक 5132 संक्रमितों को जान गंवानी पड़ी है. बता दें कि झारखंड से पहले भी कई राज्‍य ऑक्‍सीजन की कमी से मरीजों की मौत की बात को नकार चुके हैं. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्‍सीजन को लेकर हाहाकार की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई थी. कई राज्‍यों में आपात स्थिति जैसे हालात पैदा हो गए थे.

चंदनकियारी के BJP विधायक अमर कुमार बाउरी द्वारा सदन में पूछे गए अल्पसूचित प्रश्न पर सरकार ने कोरोना काल में ऑक्‍सीजन की कमी से हुई मौत पर जवाब दिया. सरकार ने बताया कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में अब तक 5132 लोगों की मौत हुई है, लेकिन ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई है. सोरेन सरकार ने बताया कि झारखंड के 72 हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो रहे हैं. इसके तहत PM केयर फंड के तहत विभिन्न जिलों में 38 ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम चल रहा है. वहीं, 34 हॉस्पिटल में राज्य सरकार ऑक्सीजन प्लांट लगा चुकी है. इसके अलावा 16 प्राइवेट हॉस्पिटल में भी ऑक्‍सीजन प्लांट लगाया गया है. इस तरह से देखा जाए तो राज्य के सरकारी और गैर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 88 ऑक्सीजन प्लांट होंगे.

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्‍होंने कहा किअगर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद दिशा-निर्देश जारी किया होता तो कोरोना से मौत का सही आंकड़ा पता चलता. वहीं, पिछले दिनों अपने दिये बयान के बारे में पूछने पर उन्होंने साफ किया कि आज भी वो इंकार नहीं कर रहे हैं कि देश में ऑक्सीजन की कमी से लाखों लोगों की जान गयी है