प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक हुई. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी. इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. सरकार ने टेक्सटाइल सेक्टर को राहत दी और किसानों के लिए भी बड़ा एलान किया.

बता दें, टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम की घोषणा की गई. 10 अलग-अलग उत्पादों के लिए अगले 5 साल तक 10683 करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज दिया जाएगा. सरकार ने सुस्त पड़ी टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने या पुनर्जीवित करने के लिए जुलाई में यह राशि आवंटित की थी. योजना के तहत छोटे शहरों की कंपनियों को ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी. पीयूष गोयल ने कहा कि इस स्कीम से मुख्य रूप से गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा जैसे राज्यों को लाभ मिल पाएगा. कपड़ा मंत्रालय ने उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन या पीएलआई योजना के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी थी. सरकार इन पैसों से परिधान को बढ़ावा देने, रोजगार और निर्यात क्षमता को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है.

पीएलआई योजना के मुताबिक, केंद्र अतिरिक्त उत्पादन पर प्रोत्साहन देगी और कंपनियों को भारत में बने उत्पादों को निर्यात करने की अनुमति मिलेगी. इसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनाने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करना है.

इतना ही नहीं, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गन्ना किसानों के लिए भी बड़ा एलान किया है. नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गन्ना किसानों के लिए अब तक के उच्चतम उचित और लाभकारी मूल्य 290 रुपये प्रति कुंतल को मंजूरी मिली है. इसके अतिरिक्त मार्केटिंग सीजन 2022-23 के लिए सरकार ने रबी फसलों का एमएसपी बढ़ाने पर भी फैसला लिया है.

इतना बढ़ा एमएसपी

गेहूं, बार्ले, चना, मसूर, सरसों और सैफलॉवर का एमएसपी बढ़ा दिया गया है। गेहूं का एमएसपी 1975 रुपये से बढ़कर 2015 रुपये हो गया है, बार्ले का 1600 रुपये से बढ़कर 1635 रुपये, चना की 5100 रुपये से 5230 रुपये, सरसों की 4650 रुपये से 5050 रुपये, सैफलॉवर का 5327 रुपये से 5441 रुपये और मसूर की 5100 रुपये है।