भारत के मनीष नरवाल ने मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल एसएच1 निशानेबाजी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. वहीं 39 वर्षीय सिंहराज सिंह अडाना को रजत पदक मिला है. 19 साल के नरवाल ने पैरालंपिक का रिकॉर्ड बनाते हुए 218.2 स्कोर किया. वहीं अडाना ने 216.7 अंक बनाकर रजत पदक अपने नाम किया. दोनों निशानेबाज हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले हैं. रूसी ओलंपिक समिति के सर्जेइ मालिशेव ने 196.8 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता. इससे पहले क्वालीफाइंग दौर में अडाना 536 अंक लेकर चौथे और नरवाल 533 अंक लेकर सातवें स्थान पर थे. भारत के आकाश 27वें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह नहीं बना सके.

इसके साथ ही टोक्यो ओलंपिक में भारत की पदकों की संख्या 15 हो गई है. भारत ने अब तक तीन गोल्ड, सात सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं. टोक्यो पैरालंपिक में निशानेबाजी में भारत का 5 पदक जीत चुका है. 19 वर्षीय अवनि लेखरा ने एक गोल्ड और एक कांस्य पदक अपने नाम किया है. वहीं सिंहराज अडाना ने पैरालंपिक खेलों में 31 अगस्त को पी1 पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 में कांस्य पदक जीता था. अवनि की तरह ही सिंहराज भी टोक्यो पैरालंपिक में दो मेडल अपने नाम किया है.

एसएच1 वर्ग में निशानेबाज एक ही हाथ से पिस्टल पकड़ते हैं क्योंकि उनके एक हाथ या पैर में विकार होता है जो रीढ़ की में चोट या अंग कटने की वजह से होता है.  कुछ निशानेबाज खड़े होकर तो कुछ बैठकर निशाना लगाते हैं