देश भर में कम होते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विभिन्न राज्यों में स्कूलों खुलने लगे हैं. सितंबर महीने में ज्यादातर राज्यों ने स्कूल खोलने का फैसला किया है. कई राज्य इस पर अभी विचार कर रहे हैं. इसी क्रम में आज यानी एक सितंबर को दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु जैसे कई राज्यों में लंबे समय बाद विभिन्न कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चे स्कूल जाना शुरू करेंगे. हालांकि कोरोना संक्रमण से बच्चों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है. राज्य सरकारों ने कहा है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होगा और स्कूलों में सीटिंग क्षमता से 50% ही छात्र एक बार में क्लास कर सकेंगे. साथ ही बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा.

बता दें, दिल्ली सरकार ने आज से नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खोलने का फैसला किया है. जबकि छठवीं से आठवीं तक के स्कूल आठ सितंबर से खुलेंगे. बच्चों के स्कूल आने के लिए अभिभवकों की मंजूरी जरूरी होगी. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पिछले दिनों चरणबद्ध तरीके से स्कूल, कॉलेज और कोचिंग क्लासेज ऑफलाइन शुरू करने की घोषणा की थी. इस संबंध में एसओपी जारी की गई है. एसओपी के अनुसार स्कूलों में सीटिंग क्षमता से 50% ही छात्र एक बार में क्लास कर सकेंगे. सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी होगा.

मध्य प्रदेश में आज से छठवीं से 12वीं तक के स्कूल खुल रहे हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते दिनों इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि प्राथमिक स्कूलों को खोलने का फैसला भी मौजूदा परिस्थितियों की समीक्षा के बाद लिया जाएगा. एमपी के शिक्षा विभाग के अनुसार, एक सितंबर से स्कूल आने वाले प्रत्येक बच्चे को उसके अभिभावक की अनुमति अनिवार्य होगी. साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का भी सख्ती से पालन किया जाएगा.

उत्तर प्रदेश में आज एक सितंबर से पहली से पांचवीं तक के स्कूल खुल रहे हैं. स्कूलों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए खोला जाएगा. यूपी में नौवीं से 12वीं तक के स्कूल 16 अगस्त को ही खोल दिए गए हैं. जबकि छठवीं से आठवीं तक के स्कूल 24 अगस्त को खुल गए थे.

तमिलनाडु में भी नौवीं से 12वीं तक के स्कूलों में आज से ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो रही है. वही, राजस्थान के स्कूलों में भी आज से नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू हो रही हैं. राज्य सरकार ने इसको लेकर एसओपी पहले ही जारी कर दिया है. जिसका पालन जरूरी है.