टोक्यो पैरालिंपिंक में भारत के नाम एक और पदक हो गया है. पैरा- एथलीट निषाद कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हाई जंप टी-47 वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया है. निषाद ने 2.06 मीटर की कूद लगाकर रजत पदक अपने नाम किया. इस मुकाबले में, निषाद ने एक एशियाई रिकार्ड भी बनाया.  अमेरिका के रोडरिक टाउनसेंड और डलास वाइज ने क्रमशः स्वर्ण और कांस्य पदक जीते. टाउनसेंड ने 2.15 मीटर की कूद लगाई, जबकि वाइज ने 2.06 मीटर की कूद लगाई.

निषाद और वाइज दोनों का स्कोर बराबर रहा, लेकिन निषाद ने अपने पहले प्रयास में 2.02 मीटर की कूद लगाई थी, जबकि वाइज ने दो मीटर की. इस तरह से निषाद ने रजत पदक अपने नाम कर लिया. भारत के रामपाल चाहर 1.94 मीटर की कूद के साथ पांचवें स्थान पर रहे. हिमाचल प्रदेश के ऊना के रहने वाले निषाद कुमार का यहां तक पहुंचने का सफर काफी संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज देश का गौरव बढ़ाया है. वह आठ साल की उम्र में एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे, जिससे उनका दाहिना हाथ कट गया. वह इस साल की शुरुआत में बेंगलुरु के साई केंद्र में प्रशिक्षण के दौरान कोरोना से संक्रमित हो गए थे.

बता दें कि टोक्यो पैरालिंपिक में यह भारत का दूसरा पदक है. इससे पहले दिन में, भारत की पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल को रजत पदक से संतोष करना पड़ा. वह रविवार को टोक्यो पैरालिंपिक में क्लास-4 वर्ग में चीन की झोउ यिंग से 3-0 से स्वर्ण पदक के लिए मैच हार गईं. भाविना भारत के लिए पैरालिंपिक में पदक जीतने वाली पहली टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं. साथ यह उपलब्धि हासिल करने वाली पीसीआइ प्रमुख दीपा मलिक के बाद दूसरी महिला एथलीट हैं. दीपा ने रियो 2016 में महिलाओं के शाटपुट में रजत पदक जीता था.