तालिबान ने अफगानिस्तान पर अपना नियंत्रण बनाने के साथ ही भारत के साथ व्यापार रोक दिया है. अब न तो काबुल को कुछ निर्यात किया जा सकता है और न ही वहां से किसी चीज का आयात संभव है. इसके चलते बाजार में ड्राईफ्रूट्स आदि के महंगा होने की संभावना जताई जा रही है.

बता दें, भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (एफआईईओ) के महानिदेशक डॉ. अजय सहाय ने कहा, हम अफगानिस्तान में चल रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. भारत के लिए आयात पाकिस्तान के ट्रांजिट मार्ग के जरिये होता है.

फिलहाल तालिबान ने पाकिस्तान के लिए जाने वाले सभी कार्गो रोक दिए हैं. इसलिए वर्चुअली आयात भी थम गया है. सहाय ने कहा, कुछ उत्पाद अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के जरिये भेजे जाते हैं, जो अब भी काम कर रहा है.

वही, दुबई के रास्ते भेजे जाने वाले उत्पादों की राह भी फिलहाल बंद नहीं हुई है. एफआईईओ डीजी ने अफगानिस्तान में तेजी से बदल रहे हालातों के बावजूद भारत के व्यापारिक रिश्ते बने रहने की आशा जताई.

एफआईईओ डीजी ने कहा, भारत फिलहाल अफगानिस्तान को चीनी, दवाइयां, कपड़े, चाय, कॉफी, मसाले और ट्रांसमिशन टावर की सप्लाई करता है, जबकि वहां से आने वाला अधिकतर आयात ड्राईफ्रूट्स का ही है. हम थोड़ा प्याज और गोंद भी वहां से आयात करते हैं.