मध्य प्रदेश में कुछ दिनों पहले बेरुखी दिखा रहे मानसून एक बार फिर से मेहरबान हो गया है. गुरुवार को भोपाल समेत 22 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा 11 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. अधिकांश जगहों पर रुक-रुक कर रिमझिम बारिश हो रही है. आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का दौर इसी तरीके से जारी रहेगा. बीते बुधवार को भोपाल के साथ 47 जिलों में बारिश हुई. मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में  सबसे ज्यादा बारिश हुई. इन इलाकों में 1 से लेकर 4 इंच तक पानी गिरा.

मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बना है. मानसून ट्रफ का पश्चिमी छोर हिमालय की तराई में है, जबकि पूर्वी छोर बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र तक बना है. इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है. इन तीन वेदर सिस्टम के सक्रिय रहने से बड़े पैमाने पर नमी के आने का सिलसिला शुरू हो गया है. इस वजह से पूरे मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश होने के आसार बन गए हैं. बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से जबलपुर, शहडोल, भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर, सागर, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में बौछारें पड़ने की संभावना है. इस दौरान होशंगाबाद, जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है.

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भोपाल समेत 22 जिलों के लिए  बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. विदिशा, रायसेन समेत 11 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेश के 16 जिलों में बारिश का आंकड़ा अभी भी सामान्य से कम है. प्रदेश में अब तक 28.82 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 1 फीसदी कम है.