अयोध्या में श्रीराम मंदिर भक्तों के लिए दिसंबर 2023 तक खोल दिया जाएगा. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि 2023 के अंत तक देश भर के श्रद्धालुओं को भगवान रामलला के दर्शन होने लगेंगे. मंदिर निर्माण पूरा हो न हो गर्भगृह जरूर तैयार हो जाएगा. उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसके बाद 2024 लोकसभा चुनाव कराए जाएंगे. उसके पहले राममंदिर को भक्तों के लिए खोलकर भाजपा सरकार उसका पूरा श्रेय लेना चाहेगी. बता दें कि राममंदिर का निर्माण कार्य अयोध्या में जोर-शोर से चल रहा है. जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल किया था.

जानकारी के मुताबिक, 2023 के अंत तक देश भर के श्रद्धालुओं को भगवान रामलला के दर्शन होने लगेंगे. अनुमानित समय 2025 में पूरे 67 एकड़ पर मंदिर का निर्माण पूरा होगा. पूर्व की तरफ से लोगों को आना है, लेकिन वहां पर जगह नहीं थी. इसलिए मंदिर प्रबंधन ने और जमीन खरीदी है. अब 110 एकड़ का पूरा मंदिर काम्प्लेक्स का निर्माण हो रहा है. पूरे राम मंदिर निर्माण में 900 से 1000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

वहां म्युजियम, आर्काइव और एक छोटा सा रिसर्च सेन्टर बनाएंगे. उसमे प्रशानिक ब्लॉक, गेस्ट हाउस, संतों, फजरियों, प्रसाद बनाने और वितरण का स्थान होगा. कितने देशों में रामायण लिखी गयी है वो रहेगी, इस मन्दिर का इतिहास, राम नवमी के दिन सूर्य की रोशनी राम मंदिर के अंदर रामलला पर सीधी पड़े इसका भी प्रयास है. हेरिटेज वाले भवनों का रखरखाव किया जाएगा. इसमें कुबेर महल, सीता कुंड जैसे स्थानों को एक अति आधुनिक मंदिर जिसमें प्राचीन भारत की झलक दिखे भी बनाया जाएगा.

रामलला के दर्शनार्थियों को एक बार फिर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक सौगात देने जा रहा है ट्रस्ट के गठन के साथ ही टेंट में बैठे रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया गया था. दूसरी सौगात श्रद्धालुओं को दी गई थी कि रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन की दूरी कम की गई थी जिसके लिए रामलला को और पास किया गया था. अब तीसरी सौगात रामलला के मंदिर निर्माण की अपनी आंखों से राम भक्त देख सकेंगे इसके लिए व्यूप्वाइंट की निर्माण किया जाएगा. अयोध्या आने वाले राम भक्त खुद अपनी आंखों से रामलला के मंदिर निर्माण को देख सकेंगे. जिसके लिए रामलला के दर्शन मार्ग पर ही एक व्यू प्वाइंट का निर्माण किया जा रहा है.