साइबर अटैक का खतरा अब हर देश पर मंडराता रहता है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय का दौरा किया और देश के खुफिया समुदाय से वादा किया कि वे उनके काम को लेकर कभी राजनीति नहीं करेंगे. राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद बाइडन पहली बार राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के करीब 120 कर्मियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट किया कि वे उनके काम की जटिलता एवं अहमियत समझते हैं. बता दें कि यह एजेंसी 17 अमेरिकी खुफिया संगठनों की निगरानी करती है.

बता दें, अमेरिका के राष्‍ट्रपति ने कहा कि मुझे आपके ऊपर पूरा भरोसा है. मैं जानता हूं कि खुफिया जगत में शत-प्रतिशत निश्चितता जैसी कोई चीज नहीं है. ऐसा कभी-कभार ही होता है. यह बहुत दुर्लभ है. मैं आपके काम को लेकर कभी राजनीति नहीं करूंगा. मैं आपको वचन देता हूं, यह हमारे देश के लिए बहुत जरूरी है.

आपको बता दें, अमेरिका और चीन के बीच तनातनी पिछले काफी समय से चल रही है. बाइडन ने भी रूस और चीन को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता खतरा बताया. उन्होंने सरकारी एजेंसियों एवं निजी उद्योग के खिलाफ रैनसमवेयर हमलों सहित बढ़ते साइबर हमलों का जिक्र किया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों के पीछे दोनों देशों में एजेंटों का हाथ है. बाइडन ने कहा कि मुझे लगता है कि इसकी बहुत संभावना है. अगर हमारा किसी बड़ी शक्ति के साथ वास्तव में आमने-सामने का युद्ध होता है, जो इसका कारण साइबर उल्लंघन होगा.