राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद,  उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं दीं. शीर्ष नेताओं ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए त्योहार मनाने की अपील भी की. राष्ट्रपति भवन द्वारा किए गए एक ट्वीट के अनुसार राष्ट्रपति कोविंद ने कहा- ‘सभी देशवासियों को ईद मुबारक.’ राष्ट्रपति ने कहा- ‘ईद-उज़-ज़ुहा प्रेम, त्‍याग और बलिदान की भावना के प्रति आदर व्‍यक्‍त करने और समावेशी समाज में एकता और भाईचारे के लिए मिलकर कार्य करने का त्‍योहार है. आइए, हम कोविड-19 से बचाव के उपाय अपनाते हुए समाज के हर वर्ग की खुशहाली के लिए काम करने का संकल्‍प लें.’

इसके साथ ही  उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार को ईद-उल-अजहा की पूर्व संध्या पर लोगों को बधाई दी और उनसे कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार को ध्यान में रखते हुए त्योहार मनाने का आग्रह किया. नायडू ने अपने संदेश में कहा कि ईद-उल-अजहा बलिदान का त्योहार है और यह ईश्वर के प्रति समर्पण का उदाहरण है. उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में, त्योहार परिवारों और समुदायों के एकसाथ आने और जश्न मनाने का अवसर है. हालांकि कोविड-19 महामारी जारी रहने के कारण, हमें इस साल समारोह साधारण तरीके से मनाकर ही संतुष्ट रहना होगा.’

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दी. पीएम ने लिखा- ‘ईद मुबारक! ईद-उल-अजहा की हार्दिक शुभकामनाएं. यह दिन सामूहिक सहानुभूति, सद्भाव और सेवा में समावेश की भावना को आगे बढ़ाए.

बता दें ईद-उल-अजहा को बकरीद भी कहा जाता है. इस साल बकरीद की सामूहिक नमाज नहीं हुई. जामा मस्जिद के इमाम ने कहा कि , ‘कोविड गाइडलाइन्स को ध्यान में रखते हुए हमने सामान्य नमाज का समय रद्द कर दिया. कुछ स्थानीय लोगों को छोड़कर, कोई अन्य नहीं आया. भीड़ से बचने के लिए यहां भोर में ही नमाज अदा की गई थी. जामा मस्जिद के शाही इमाम अब्दुल गफूर शाह बुखारी ने भी लोगों से अपील की है कि नियमों का पालन किया जाए. उन्होंने कहा कि हमें कोविड की तीसरी लहर के मद्देनजर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए. हमने जामा मस्जिद में सीमित लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत देने का फैसला किया था. 15-20 लोगों ने नमाज अदा की.